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Jind News: इंजीनियरिंग सामग्री की नैनो स्केल स्तर पर पहचान करेगी डिवाइस
Sat, 11 May 2024 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 11 May 2024 01:27 AM IST
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10जेएनडी15 : डॉ. सुनील रोहिला। स्रोत विवि
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के शोधकर्ता डॉ. सुनील रोहिला ने नैनो कॉम्पोजिट सिंथेसिस डिटेक्शन डिवाइस बनाई है। इस डिवाइस का उन्होंने पेटेंट भी प्राप्त कर लिया है।
इस डिवाइस का लाभ वैज्ञानिक स्तर पर मिलेगा, क्योंकि यह डिवाइस नैनो कॉम्पोजिट, नैनो स्केल स्तर पर इंजीनियरिंग सामग्री की पहचान कर सकेगा। अभी तक इस सामग्री की पहचान करना काफी मुश्किल था। इस डिवाइस से इस सामग्री की पहचान को बिल्कुल आसान कर दिया है। नैनो कॉम्पोजिट नैनो स्केल स्तर पर इंजीनियरिंग की गई सामग्री होती है, जो अपने अद्वितीय गुणों के कारण विभिन्न उद्योगों में विशेष योगदान करती है। इन सामग्रियों को सही ढंग से पहचानना और वर्णन करने में व्यक्ति विशेष को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करता पड़ता है।
डॉ. रोहिला का नवाचार इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को एक विशेषज्ञ डिटेक्शन डिवाइस के साथ पूरा करता है, जो नैनो कॉम्पोजिट सिंथेसिस प्रक्रियाओं का ठीक से विश्लेषण करने के लिए डिजाइन किया गया है। अपनी विशेषज्ञता और समर्पण के साथ डॉ. रोहिला ने एक नवाचारी समाधान की कल्पना की और साकार किया है।
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यह डिवाइस नैनो कॉम्पोजिट की पहचान और वर्णन को सुगम बनाता है। उनकी डिवाइस अपरिवर्तनीय सटीकता और प्रभावकारिता प्रदान करता है, जो शोधकर्ताओं और उद्योग पेशेवरों को नैनो कॉम्पोजिट आधारित उत्पादों के विकास और गुणवत्ता नियंत्रण की क्षमता प्रदान करेगा।
यह उपलब्धि न केवल सीआरएसयू जींद के भौतिकी विभाग की नवाचारी क्षमताओं को हाईलाइट करती है, बल्कि यह वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान की भी ओर इशारा करती है। डॉ. रोहिला ने कुलपति डॉ. रणपाल सिंह और कुलसचिव प्रो. डॉ. लवलीन मोहन और भौतिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आनंद मलिक से प्राप्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इस अद्वितीय नवाचार के पीछे एक सहकारी प्रयास को महत्व दिया।
उन्होंने अपने नैनो कॉम्पोजिट सिंथेसिस डिटेक्शन डिवाइस को नैनो सामग्रियों में शोध और विकास को आगे बढ़ाने के लिए एक मूलभूत आधार के रूप में देखा है, जो प्रौद्योगिकी उन्नति को बढ़ावा देगा। डॉ. रोहिला के डिजाइन पेटेंट ने नैनो कॉम्पोजिट की संभावनाओं को विविध अनुप्रयोगों के लिए प्राप्त करने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर चिह्नित किया है। उनका यह काम नैविकाईपूर्ण नवाचार की भावना को प्रस्तुत करता है।
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इस डिवाइस का लाभ वैज्ञानिक स्तर पर मिलेगा, क्योंकि यह डिवाइस नैनो कॉम्पोजिट, नैनो स्केल स्तर पर इंजीनियरिंग सामग्री की पहचान कर सकेगा। अभी तक इस सामग्री की पहचान करना काफी मुश्किल था। इस डिवाइस से इस सामग्री की पहचान को बिल्कुल आसान कर दिया है। नैनो कॉम्पोजिट नैनो स्केल स्तर पर इंजीनियरिंग की गई सामग्री होती है, जो अपने अद्वितीय गुणों के कारण विभिन्न उद्योगों में विशेष योगदान करती है। इन सामग्रियों को सही ढंग से पहचानना और वर्णन करने में व्यक्ति विशेष को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करता पड़ता है।
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डॉ. रोहिला का नवाचार इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को एक विशेषज्ञ डिटेक्शन डिवाइस के साथ पूरा करता है, जो नैनो कॉम्पोजिट सिंथेसिस प्रक्रियाओं का ठीक से विश्लेषण करने के लिए डिजाइन किया गया है। अपनी विशेषज्ञता और समर्पण के साथ डॉ. रोहिला ने एक नवाचारी समाधान की कल्पना की और साकार किया है।
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यह डिवाइस नैनो कॉम्पोजिट की पहचान और वर्णन को सुगम बनाता है। उनकी डिवाइस अपरिवर्तनीय सटीकता और प्रभावकारिता प्रदान करता है, जो शोधकर्ताओं और उद्योग पेशेवरों को नैनो कॉम्पोजिट आधारित उत्पादों के विकास और गुणवत्ता नियंत्रण की क्षमता प्रदान करेगा।
यह उपलब्धि न केवल सीआरएसयू जींद के भौतिकी विभाग की नवाचारी क्षमताओं को हाईलाइट करती है, बल्कि यह वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान की भी ओर इशारा करती है। डॉ. रोहिला ने कुलपति डॉ. रणपाल सिंह और कुलसचिव प्रो. डॉ. लवलीन मोहन और भौतिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आनंद मलिक से प्राप्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इस अद्वितीय नवाचार के पीछे एक सहकारी प्रयास को महत्व दिया।
उन्होंने अपने नैनो कॉम्पोजिट सिंथेसिस डिटेक्शन डिवाइस को नैनो सामग्रियों में शोध और विकास को आगे बढ़ाने के लिए एक मूलभूत आधार के रूप में देखा है, जो प्रौद्योगिकी उन्नति को बढ़ावा देगा। डॉ. रोहिला के डिजाइन पेटेंट ने नैनो कॉम्पोजिट की संभावनाओं को विविध अनुप्रयोगों के लिए प्राप्त करने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर चिह्नित किया है। उनका यह काम नैविकाईपूर्ण नवाचार की भावना को प्रस्तुत करता है।

10जेएनडी15 : डॉ. सुनील रोहिला। स्रोत विवि