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Jind News: पोर्टल पर दो दिन में 14767 एकड़ फसल खराबे का ब्यौरा दर्ज
Sat, 06 Sep 2025 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 06 Sep 2025 11:58 PM IST
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06जेएनडी29:मोरखी गांव के खेतों में बरसात के कारण हुआ जलभराव। संवाद
जींद। क्षति पूर्ति पोर्टल पर दो दिन में 2166 किसानों ने 14767 एकड़ में फसल खराबे की शिकायत दर्ज की है। इससे पहले किसान प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के काट रहे थे ताकि पोर्टल को खुलवाया जा सके।
जिले में बाढ़ जैसे हालात होने से सैंकड़ों की संख्या में किसान पानी की निकासी की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। जलभराव की समस्या को देखते हुए राजस्व अधिकारी को जल निकासी के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया।
इसके समाधान के लिए सिंचाई विभाग समेत अन्य विभागों ने पानी निकासी के उचित प्रबंध किए। हालांकि नरवाना व जुलाना में फिलहाल जलभराव की व्यवस्थाएं स्थिर बनी हैं। अभी तक बाढ़ का खतरा नहीं, लेकिन जिन गांवों के आसपास पानी ठहरा है। जहां पर आबादी में पानी घुसने का डर था। वहां पर उचित प्रबंध किए गए हैं।
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नुकसान का आंकलन करने के निर्देश
प्रशासन की तरफ से किसानों को जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों की फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान की भरपाई की जा सके। अभी तक जुलाना के नौ गांवों में 412 किसान, नरवाना के 12 गांवों में 1580, जींद के तीन गांवों में 188 किसान अपनी फसल खराबे का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड कर चुके हैं।
वर्जन
किसानों की फसल खराबे की जानकारी के लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। इस पर अब तक जिले से 14767 एकड़ में फसल खराबे का ब्यौरा दर्ज करवाया है। इसके अलावा आबादी में हो रहे नुकसान का भी आंकलन किया जा रहा है। पोर्टल पर फिलहाल फसल खराबे का ही ब्यौरा आया है। इसकी रिपोर्ट सरकार भी ले रही है। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद।
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जिले में बाढ़ जैसे हालात होने से सैंकड़ों की संख्या में किसान पानी की निकासी की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में पहुंच रहे हैं। जलभराव की समस्या को देखते हुए राजस्व अधिकारी को जल निकासी के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया।
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इसके समाधान के लिए सिंचाई विभाग समेत अन्य विभागों ने पानी निकासी के उचित प्रबंध किए। हालांकि नरवाना व जुलाना में फिलहाल जलभराव की व्यवस्थाएं स्थिर बनी हैं। अभी तक बाढ़ का खतरा नहीं, लेकिन जिन गांवों के आसपास पानी ठहरा है। जहां पर आबादी में पानी घुसने का डर था। वहां पर उचित प्रबंध किए गए हैं।
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नुकसान का आंकलन करने के निर्देश
प्रशासन की तरफ से किसानों को जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों की फसल खराब होने की स्थिति में नुकसान की भरपाई की जा सके। अभी तक जुलाना के नौ गांवों में 412 किसान, नरवाना के 12 गांवों में 1580, जींद के तीन गांवों में 188 किसान अपनी फसल खराबे का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड कर चुके हैं।
वर्जन
किसानों की फसल खराबे की जानकारी के लिए सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। इस पर अब तक जिले से 14767 एकड़ में फसल खराबे का ब्यौरा दर्ज करवाया है। इसके अलावा आबादी में हो रहे नुकसान का भी आंकलन किया जा रहा है। पोर्टल पर फिलहाल फसल खराबे का ही ब्यौरा आया है। इसकी रिपोर्ट सरकार भी ले रही है। -राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी जींद।