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Jind News: डिप्टी स्पीकर ने टीबी के चार मरीजों को गोद लिया
Sat, 07 Dec 2024 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 07 Dec 2024 11:38 PM IST
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07जेएनडी11-निक्षय शिविर अभियान के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मि
जींद। टीबीमुक्त भारत को लेकर शनिवार को जिले में निक्षय अभियान की शुरुआत विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्णलाल मिड्ढा ने नागरिक अस्पताल से स्वास्थ्य वाहन को हरी झंडी दिखाकर की। इस दौरान उन्होंने चार टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा करते हुए अन्य सकारात्मक सोच वाले नागरिकों से आह्वान किया कि वे टीबी के अन्य मरीजों को गोद लेकर टीबी मुक्त भारत अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने टीबी के मरीजों को किट भी मुहैया करवाई। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने टीबी उन्मूलन के लिए नई सोच और अप्रोच अपनाई है। इस सौ दिवसीय अभियान का लक्ष्य टीबी के मरीजों का पता लगाकर उनका उपचार करना है। मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश के लोगों को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। आज भारत मुक्त टीबी अभियान की जो शुरूआत की गई है उसमें टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए मरीज की पहचान कर उनका इलाज करना जरूरी है। इस वाहन में मेडिकल उपकरणों के साथ डॉक्टरों की टीम भी साथ रहेगी। सरकार की तरफ से आज जो टीबी मुक्त अभियान की शुरुआत की गई है, उसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम स्लम क्षेत्र, भट्ठे, वृद्धाश्रम, हॉस्टल, अनाथालय, झुग्गी, टपरीवास मेत उन क्षेत्रों में जाएगी जहां टीबी का प्रकोप ज्यादा होने की संभावना है। इसके लिए संभावित मरीजों का टेस्ट, ट्रीटमेंट से लेकर अन्य जरूरी चीजों को इस अभियान में शामिल किया गया है। चिह्नित किए गए मरीजों को दवाइयां व किट मुहैया करवाई जाएगी। जब तक मरीज के अंदर से टीबी के लक्षण समाप्त नहीं हो जाते तब तक एक हजार रुपये महीना मरीज के खुराक भत्ता के रूप में सरकार की तरफ से दिया जाएगा। इस दौरान डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डॉ. विजेंद्र ढांडा, डॉ. संदीप लोहान, डॉ. अनिल कौशिक, डॉ. नवनीत मौजूद रहे।
टीबी मरीजों के लिए छह टीयू, 19 बलगम जांच केंद्र, आठ सीएचसी, 27 पीएचसी तथा 186 उप केंद्र स्थापित किए हैं। यहां पर संभावित टीबी के मरीज अपनी जांच करवा सकते हैं। इस समय जिले में 1997 मरीज टीबी की दवा ले रहे हैं। -डॉ. पालेराम कटारिया, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, जींद।
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उन्होंने टीबी के मरीजों को किट भी मुहैया करवाई। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने टीबी उन्मूलन के लिए नई सोच और अप्रोच अपनाई है। इस सौ दिवसीय अभियान का लक्ष्य टीबी के मरीजों का पता लगाकर उनका उपचार करना है। मुख्यमंत्री की सोच है कि प्रदेश के लोगों को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। आज भारत मुक्त टीबी अभियान की जो शुरूआत की गई है उसमें टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए मरीज की पहचान कर उनका इलाज करना जरूरी है। इस वाहन में मेडिकल उपकरणों के साथ डॉक्टरों की टीम भी साथ रहेगी। सरकार की तरफ से आज जो टीबी मुक्त अभियान की शुरुआत की गई है, उसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम स्लम क्षेत्र, भट्ठे, वृद्धाश्रम, हॉस्टल, अनाथालय, झुग्गी, टपरीवास मेत उन क्षेत्रों में जाएगी जहां टीबी का प्रकोप ज्यादा होने की संभावना है। इसके लिए संभावित मरीजों का टेस्ट, ट्रीटमेंट से लेकर अन्य जरूरी चीजों को इस अभियान में शामिल किया गया है। चिह्नित किए गए मरीजों को दवाइयां व किट मुहैया करवाई जाएगी। जब तक मरीज के अंदर से टीबी के लक्षण समाप्त नहीं हो जाते तब तक एक हजार रुपये महीना मरीज के खुराक भत्ता के रूप में सरकार की तरफ से दिया जाएगा। इस दौरान डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, डॉ. विजेंद्र ढांडा, डॉ. संदीप लोहान, डॉ. अनिल कौशिक, डॉ. नवनीत मौजूद रहे।
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टीबी मरीजों के लिए छह टीयू, 19 बलगम जांच केंद्र, आठ सीएचसी, 27 पीएचसी तथा 186 उप केंद्र स्थापित किए हैं। यहां पर संभावित टीबी के मरीज अपनी जांच करवा सकते हैं। इस समय जिले में 1997 मरीज टीबी की दवा ले रहे हैं। -डॉ. पालेराम कटारिया, नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, जींद।

07जेएनडी11-निक्षय शिविर अभियान के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मि
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