{"_id":"64fe09073d3267d2590ee288","slug":"depot-found-12-out-of-50-buses-not-on-roads-jind-news-c-199-1-sroh1007-5366-2023-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: सड़कों पर नहीं उतरीं डिपो को मिली 50 में 12 बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: सड़कों पर नहीं उतरीं डिपो को मिली 50 में 12 बसें
Sun, 10 Sep 2023 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 10 Sep 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। रोडवेज डिपो में नई बस आने के बाद भी यात्रियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। तीन महीने के दौरान रोडवेज डिपो में 50 बस नई आई हैं। इनमें से 12 बसें 20 दिन से सड़कों पर नहीं उतारी गईं। इसका कारण चालक व परिचालकों की कमी और 12 बसों की पासिंग नहीं होना है। पासिंग के बाद ही ये बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। रोडवेज डिपो प्रशासन कागजी कार्रवाई पूरी करने में लगा हुआ है।
चालक व परिचालकों की भर्ती एचकेआरएन के तहत की जाएगी। इससे पहले भी 23 परिचालकाें को यहीं से लिया गया था। तीन महीने में डिपो में 50 बस आ चुकी हैं। परिवहन विभाग के नार्म के अनुसार 100 बसों पर 170 चालक व परिचालकों की जरूरत होती है। इस समय डिपो में 165 बस हैं, जो सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस भी शामिल हैं, जबकि 12 नई बसों की पासिंग होना बाकी है। नोरम के अनुसार इन सभी बसों पर 290 से अधिक चालक व परिचालकों की जरूरत है। फिलहाल डिपो में 244 चालक तथा 269 परिचालक कार्यरत हैं। इसलिए डिपो को अभी भी 46 चालक तथा 21 परिचालकों की जरूरत है। यदि इतनी संख्या में रोडवेज डिपो में चालक व परिचालक हाें तभी इन बसों को पूरे समय तक सड़कों पर दौड़ाया जा सकता है। चालक व परिचालकाें की कमी के कारण कई बार बसों के रुट मिस करने पड़ते हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बॉक्स
पहले भी कौशल रोजगार निगम से 23 परिचालकाें को लिया था। सभी बसों को चलाने के लिए ज्यादा संख्या में चालकों की जरूरत होगी। चालक व परिचालकों के लिए मांग भेज दी है। जल्द ही इनको लिया जाएगा। कुछ बसों की अभी तक पासिंग नहीं हो पाई है, इसके लिए कागजात तैयार कर लिए हैं। जल्द ही सभी बसों की पासिंग होने के बाद यह ऑनरूट हो जाएंगी और यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।-कमलजीत सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक।
विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। रोडवेज डिपो में नई बस आने के बाद भी यात्रियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। तीन महीने के दौरान रोडवेज डिपो में 50 बस नई आई हैं। इनमें से 12 बसें 20 दिन से सड़कों पर नहीं उतारी गईं। इसका कारण चालक व परिचालकों की कमी और 12 बसों की पासिंग नहीं होना है। पासिंग के बाद ही ये बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। रोडवेज डिपो प्रशासन कागजी कार्रवाई पूरी करने में लगा हुआ है।
चालक व परिचालकों की भर्ती एचकेआरएन के तहत की जाएगी। इससे पहले भी 23 परिचालकाें को यहीं से लिया गया था। तीन महीने में डिपो में 50 बस आ चुकी हैं। परिवहन विभाग के नार्म के अनुसार 100 बसों पर 170 चालक व परिचालकों की जरूरत होती है। इस समय डिपो में 165 बस हैं, जो सड़कों पर दौड़ रही हैं। इनमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस भी शामिल हैं, जबकि 12 नई बसों की पासिंग होना बाकी है। नोरम के अनुसार इन सभी बसों पर 290 से अधिक चालक व परिचालकों की जरूरत है। फिलहाल डिपो में 244 चालक तथा 269 परिचालक कार्यरत हैं। इसलिए डिपो को अभी भी 46 चालक तथा 21 परिचालकों की जरूरत है। यदि इतनी संख्या में रोडवेज डिपो में चालक व परिचालक हाें तभी इन बसों को पूरे समय तक सड़कों पर दौड़ाया जा सकता है। चालक व परिचालकाें की कमी के कारण कई बार बसों के रुट मिस करने पड़ते हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
बॉक्स
पहले भी कौशल रोजगार निगम से 23 परिचालकाें को लिया था। सभी बसों को चलाने के लिए ज्यादा संख्या में चालकों की जरूरत होगी। चालक व परिचालकों के लिए मांग भेज दी है। जल्द ही इनको लिया जाएगा। कुछ बसों की अभी तक पासिंग नहीं हो पाई है, इसके लिए कागजात तैयार कर लिए हैं। जल्द ही सभी बसों की पासिंग होने के बाद यह ऑनरूट हो जाएंगी और यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।-कमलजीत सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक।
विज्ञापन