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Jind News: सरकारी में मुफ्त, निजी अस्पताल में महंगा डेंगू का इलाज
Tue, 17 Sep 2024 02:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 17 Sep 2024 02:48 AM IST
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16जेएनडी24 : नागरिक अस्पताल में शुरू हुई ब्लड सेपरेशन यूनिट का फाइल फोटो। संवाद
जींद। डेंगू जांच के नाम पर जिले के निजी अस्पताल चांदी कूट रहे हैं। जांच के नाम पर 750 से लेकर 800 रुपये लिए जाते हैं, जबकि सरकारी आदेश के अनुसार 600 रुपये से ज्यादा नहीं ले सकते हैं। इसके अलावा अस्पताल में मरीज को दाखिल करने के लिए प्रतिदिन एक बेड का चार्ज 3500 से लेकर 5 हजार रुपये तक लिया जा रहा है।
जिले में डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा केवल नागरिक अस्पताल में है। नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाता है। जिले में अभी तक डेंगू का ऐसा कोई मरीज नहीं आया है, जिसे प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती हो।
बहुत से डेंगू के मामले नागरिक अस्पताल तक पहुंच नहीं पाते। लोग निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। यहां प्लेटलेट्स कम होने पर उनकी डेंगू जांच की जाती है, जबकि स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की डेंगू जांच को मान्यता नहीं देता है। ऐसे में निजी अस्पताल जांच व मरीज को दाखिल करने के नाम पर चांदी कूट रहे हैं। इन अस्पतालों में डेंगू मरीजों को चार से पांच दिन तक दाखिल किया जाता है और उनका बिल 25 हजार से अधिक हो जाता है। नागरिक अस्पताल में मरीजों को सभी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाती हैं। यदि किसी मरीज के प्लेटलेट्स कम हो जाएं तो उसे मुफ्त में ही चढ़ाने की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों को नागरिक अस्पताल की तरफ रुख करना चाहिए।
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पैसे लिए, लेकिन आराम नहीं हुआ
गांव आलनजोगी खेड़ा निवासी अनिल तथा उनकी पत्नी अंजू देवी को पिछले सप्ताह डेंगू हो गया था। पहले उनकी पत्नी को एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां भी उससे टेस्ट के नाम पर 750 रुपये लिए गए । एक दिन के बेड का खर्च तीन हजार रुपये लिया गया। अनिल को दो दिन बाद एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां अनिल से डेंगू जांच के नाम पर 800 रुपये लिए गए। दो दिन दाखिल करने का खर्च 10 हजार से ज्यादा हो गया। दोनों को यहां कोई आराम नहीं हुआ तो उनको हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां दो दिन में आराम हो गया।
डेंगू जांच के लिए सरकार ने 600 रुपये निर्धारित किए हुए हैं। यदि कोई निजी अस्पताल इससे ज्यादा पैसे लेता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। लोगों को डेंगू का इलाज सरकारी अस्पताल में करवाना चाहिए, यहां फ्री में होता है। निजी अस्पतालों के लिए बेड का कोई किराया निर्धारित नहीं किया गया है। -डॉ. रमेश पांचाल, जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन।
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जिले में डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा केवल नागरिक अस्पताल में है। नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाता है। जिले में अभी तक डेंगू का ऐसा कोई मरीज नहीं आया है, जिसे प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती हो।
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बहुत से डेंगू के मामले नागरिक अस्पताल तक पहुंच नहीं पाते। लोग निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। यहां प्लेटलेट्स कम होने पर उनकी डेंगू जांच की जाती है, जबकि स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की डेंगू जांच को मान्यता नहीं देता है। ऐसे में निजी अस्पताल जांच व मरीज को दाखिल करने के नाम पर चांदी कूट रहे हैं। इन अस्पतालों में डेंगू मरीजों को चार से पांच दिन तक दाखिल किया जाता है और उनका बिल 25 हजार से अधिक हो जाता है। नागरिक अस्पताल में मरीजों को सभी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाती हैं। यदि किसी मरीज के प्लेटलेट्स कम हो जाएं तो उसे मुफ्त में ही चढ़ाने की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों को नागरिक अस्पताल की तरफ रुख करना चाहिए।
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पैसे लिए, लेकिन आराम नहीं हुआ
गांव आलनजोगी खेड़ा निवासी अनिल तथा उनकी पत्नी अंजू देवी को पिछले सप्ताह डेंगू हो गया था। पहले उनकी पत्नी को एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां भी उससे टेस्ट के नाम पर 750 रुपये लिए गए । एक दिन के बेड का खर्च तीन हजार रुपये लिया गया। अनिल को दो दिन बाद एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। यहां अनिल से डेंगू जांच के नाम पर 800 रुपये लिए गए। दो दिन दाखिल करने का खर्च 10 हजार से ज्यादा हो गया। दोनों को यहां कोई आराम नहीं हुआ तो उनको हिसार के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां दो दिन में आराम हो गया।
डेंगू जांच के लिए सरकार ने 600 रुपये निर्धारित किए हुए हैं। यदि कोई निजी अस्पताल इससे ज्यादा पैसे लेता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। लोगों को डेंगू का इलाज सरकारी अस्पताल में करवाना चाहिए, यहां फ्री में होता है। निजी अस्पतालों के लिए बेड का कोई किराया निर्धारित नहीं किया गया है। -डॉ. रमेश पांचाल, जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन।

16जेएनडी24 : नागरिक अस्पताल में शुरू हुई ब्लड सेपरेशन यूनिट का फाइल फोटो। संवाद