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मलेरिया रोकथाम के रूप में मनाया जाएगा जून
ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2015 12:29 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर से जनित बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए कवायद
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शुरू की है। जून माह मलेरिया रोकथाम माह के रूप में मनाया जाएगा। जिले में
फिलहाल अब तक चार मलेरिया के केस हैं।
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व अन्य संबंधित बीमारियों पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अन्य विभागों से भी सहयोग मांगा है। इसी सिलसिले में बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के सभागार में डीसी अजीत बालाजी जोशी की अध्यक्षता में मलेरिया स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ रोडवेज, नगर परिषद व शिक्षा विभाग से अधिकारियों ने भाग लिया।
डीसी अजीत बालाजी जोशी ने कहा कि मच्छर जनित बीमारियों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए जून को मलेरिया रोकथाम माह के रूप में मनाया जाएगा। इस माह के प्रत्येक दिन लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित करेंगे। मच्छर पनपने वाले स्थानों पर स्प्रे किया जाएगा। जिस जगह डेंगू या मलेरिया का केस मिलता है वहां स्वास्थ्य विभाग फोगिंग करवाएगा। किसी व्यक्ति को हलका बुखार होने की सूरत में भी तुरंत रक्त पट्टिका बनाकर स्वास्थ्य विभाग जांच करेगा। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, जन स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग, नगर परिषद, जिला परिषद, मत्स्य विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, शिक्षा विभाग समेत विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
डाली जाएंगी गंबूजिया मछली
जहां कई दिनों तक पानी का ठहराव रहता है, वहां मच्छर पनपने की ज्यादा संभावना रहती है। इन स्थलों की पहचान करके प्रशासन गंबूजिया मछली डलवाएगा। साथ ही ऐसे स्थलों पर मिट्टी का तेल डाला जाएगा।
गत वर्ष 51 केस थे मलेरिया के
वर्ष 2015 में जनवरी से अब तक जिले में मलेरिया के कुल चार केस पाए गए हैं। अगर तुलनात्मक दृष्टि से देखा जाए तो गत वर्ष इस समय तक सात केस मिले थे। वर्ष 2014 में मलेरिया के कुल 51 केस मिले थे।
आम जनता के लिए हिदायतें
रात को सोते समय पूरी बाजू के कपड़े पहन कर सोएं, या मच्छरदानी का प्रयोग करें। समय-समय पर कूलर की साफ-सफाई करें, ताकि मच्छर के लारवा को ही खत्म किया जा सके। घरों की खिड़कियों तथा दरवाजों पर जालियां लगवाएं तथा कीटनाशक दवाई का छिड़काव घर के सभी कमरों में करवाएं।
डॉ. अनिल बिरला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
सामान्य अस्पताल, जींद।
मलेरिया होने की सूरत में लें पूरा इलाज
जिले वासियों से अपील है कि वे मलेरिया होने पर पूरा इलाज लें और अपने आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर पैदा ही न हो सकें। फोगिंग के समय अपने घरों के खिड़की व दरवाजे खुले रखें, ताकि वहां पनप रहे मच्छर पूरी तरह से खत्म हो सकें।
अजीत बालाजी जोशी, डीसी
जींद।
मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया व अन्य संबंधित बीमारियों पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अन्य विभागों से भी सहयोग मांगा है। इसी सिलसिले में बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के सभागार में डीसी अजीत बालाजी जोशी की अध्यक्षता में मलेरिया स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ रोडवेज, नगर परिषद व शिक्षा विभाग से अधिकारियों ने भाग लिया।
डीसी अजीत बालाजी जोशी ने कहा कि मच्छर जनित बीमारियों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के लिए जून को मलेरिया रोकथाम माह के रूप में मनाया जाएगा। इस माह के प्रत्येक दिन लोगों को मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित करेंगे। मच्छर पनपने वाले स्थानों पर स्प्रे किया जाएगा। जिस जगह डेंगू या मलेरिया का केस मिलता है वहां स्वास्थ्य विभाग फोगिंग करवाएगा। किसी व्यक्ति को हलका बुखार होने की सूरत में भी तुरंत रक्त पट्टिका बनाकर स्वास्थ्य विभाग जांच करेगा। बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, जन स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग, नगर परिषद, जिला परिषद, मत्स्य विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, शिक्षा विभाग समेत विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
डाली जाएंगी गंबूजिया मछली
जहां कई दिनों तक पानी का ठहराव रहता है, वहां मच्छर पनपने की ज्यादा संभावना रहती है। इन स्थलों की पहचान करके प्रशासन गंबूजिया मछली डलवाएगा। साथ ही ऐसे स्थलों पर मिट्टी का तेल डाला जाएगा।
गत वर्ष 51 केस थे मलेरिया के
वर्ष 2015 में जनवरी से अब तक जिले में मलेरिया के कुल चार केस पाए गए हैं। अगर तुलनात्मक दृष्टि से देखा जाए तो गत वर्ष इस समय तक सात केस मिले थे। वर्ष 2014 में मलेरिया के कुल 51 केस मिले थे।
आम जनता के लिए हिदायतें
रात को सोते समय पूरी बाजू के कपड़े पहन कर सोएं, या मच्छरदानी का प्रयोग करें। समय-समय पर कूलर की साफ-सफाई करें, ताकि मच्छर के लारवा को ही खत्म किया जा सके। घरों की खिड़कियों तथा दरवाजों पर जालियां लगवाएं तथा कीटनाशक दवाई का छिड़काव घर के सभी कमरों में करवाएं।
डॉ. अनिल बिरला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
सामान्य अस्पताल, जींद।
मलेरिया होने की सूरत में लें पूरा इलाज
जिले वासियों से अपील है कि वे मलेरिया होने पर पूरा इलाज लें और अपने आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर पैदा ही न हो सकें। फोगिंग के समय अपने घरों के खिड़की व दरवाजे खुले रखें, ताकि वहां पनप रहे मच्छर पूरी तरह से खत्म हो सकें।
अजीत बालाजी जोशी, डीसी
जींद।