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Jind News: रद्द पंजीकरण बहाल कराने की मांग को लेकर निर्माण मजदूर का प्रदर्शन 6 को
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30जेएनडी07-बैठक में भाग लेते हुए निर्माण मजदूर।
जींद। निर्माण मजदूरों के रद्द किए गए पंजीकरण को बहाल करवाने सहित अन्य मांगों को लेकर छह फरवरी को जिलेभर के निर्माण मजदूर व कारीगर प्रदर्शन करेंगे। भवन निर्माण कामगार यूनियन हरियाणा के जिला कोषाध्यक्ष संदीप जाजवान व जिला सहसचिव पवन कुमार ने शामलो खुर्द, अनूपगढ़, किनाना, लोहचब व मनोहरपुर इत्यादि गांव के निर्माण मजदूरों की बैठक की।
मजदूर नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने यूनियनों को मजदूर की 90 दिन के काम की जांच करने के कार्य से बाहर कर दिया। यूनियन ने उसी समय आशंका जताई थी कि इससे श्रम कल्याण बोर्ड में भ्रष्टाचार और ज्यादा बढ़ेगा। इस कारण प्रदेश में मजदूरों का नया पंजीकरण करवाने, श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधा लेने के लिए भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुविधा दिलवाने के नाम पर मजदूरों को लूटा जा रहा है। असल मजदूरों का पंजीकरण नहीं हो रहा और न ही सुविधाएं मिल रही है। सुविधा के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
काफी मजदूरों की कन्यादान, मृत्यु सहायता, मातृत्व व छात्रवृत्ति आदि सुविधाओं की राशि रुकी हुई है। इनकी शिकायत यूनियन पिछले दस वर्षों से श्रम मंत्री, मुख्यमंत्री एवं कल्याण बोर्ड के उच्च अधिकारियों को लगातार अवगत करवाती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अकेले जींद जिले में 35 हजार पंजीकरण ब्लॉक कर दिए गए। यूनियन की मांग है कि निर्माण मजदूरों का रद्द किया गया पंजीकरण तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। 90 दिन के काम की जांच का अधिकार यूनियनों को दिया जाए। फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जाए। सुविधा देने के नाम पर परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। मजदूर विरोधी मालिक परस्त चारों श्रम कोड रद्द किए जाए व श्रम कानून बहाल किए जाए। जींद सहित सभी शहरों में लेबर शेड का निर्माण करवाया जाए।
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मजदूर नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने यूनियनों को मजदूर की 90 दिन के काम की जांच करने के कार्य से बाहर कर दिया। यूनियन ने उसी समय आशंका जताई थी कि इससे श्रम कल्याण बोर्ड में भ्रष्टाचार और ज्यादा बढ़ेगा। इस कारण प्रदेश में मजदूरों का नया पंजीकरण करवाने, श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधा लेने के लिए भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुविधा दिलवाने के नाम पर मजदूरों को लूटा जा रहा है। असल मजदूरों का पंजीकरण नहीं हो रहा और न ही सुविधाएं मिल रही है। सुविधा के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
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काफी मजदूरों की कन्यादान, मृत्यु सहायता, मातृत्व व छात्रवृत्ति आदि सुविधाओं की राशि रुकी हुई है। इनकी शिकायत यूनियन पिछले दस वर्षों से श्रम मंत्री, मुख्यमंत्री एवं कल्याण बोर्ड के उच्च अधिकारियों को लगातार अवगत करवाती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अकेले जींद जिले में 35 हजार पंजीकरण ब्लॉक कर दिए गए। यूनियन की मांग है कि निर्माण मजदूरों का रद्द किया गया पंजीकरण तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। 90 दिन के काम की जांच का अधिकार यूनियनों को दिया जाए। फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जाए। सुविधा देने के नाम पर परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। मजदूर विरोधी मालिक परस्त चारों श्रम कोड रद्द किए जाए व श्रम कानून बहाल किए जाए। जींद सहित सभी शहरों में लेबर शेड का निर्माण करवाया जाए।
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