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Jind News: दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा आयु 60 वर्ष बहाल करने की मांग
Sun, 22 Feb 2026 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:50 PM IST
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22जेएनडी23: मंत्री कृष्ण बेदी को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में मांग पत्र सौंपते हुए दिव्यांग कर्म
जींद। दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष बहाल किए जाने की मांग को लेकर विकलांग संघ उमंग सिरसा की जींद शाखा ने मंत्री कृष्ण बेदी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा तीन फरवरी 2026 को जारी गजट अधिसूचना के तहत हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन कर 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को पूर्व में दी गई 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु की सुविधा समाप्त कर दी गई है। संघ पदाधिकारियों ने इसे राज्य की संवेदनशील व कल्याणकारी नीति के विपरीत कदम बताया।
संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि दिव्यांग कर्मचारी शारीरिक व सामाजिक चुनौतियों के बावजूद पूर्ण निष्ठा और समर्पण से अपनी सेवाएं देते हैं। 60 वर्ष की सेवा-आयु उन्हें आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक जीवन-निर्वाह का आधार प्रदान करती थी। संशोधन से कर्मचारियों में मानसिक, सामाजिक और आर्थिक असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
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संघ ने मांग की कि गजट अधिसूचना निरस्त कर दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु दोबारा 60 वर्ष की जाए। इस अवसर पर सत्यनारायण, रामधन, सतवीर, सुरेश कुमार, मूर्ति देवी, राजकुमार भोला, डॉ. सुरेंद्र गौड़, अनिता और राकेश मौजूद रहे।
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ज्ञापन में बताया गया कि हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा तीन फरवरी 2026 को जारी गजट अधिसूचना के तहत हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन कर 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को पूर्व में दी गई 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु की सुविधा समाप्त कर दी गई है। संघ पदाधिकारियों ने इसे राज्य की संवेदनशील व कल्याणकारी नीति के विपरीत कदम बताया।
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संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि दिव्यांग कर्मचारी शारीरिक व सामाजिक चुनौतियों के बावजूद पूर्ण निष्ठा और समर्पण से अपनी सेवाएं देते हैं। 60 वर्ष की सेवा-आयु उन्हें आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक जीवन-निर्वाह का आधार प्रदान करती थी। संशोधन से कर्मचारियों में मानसिक, सामाजिक और आर्थिक असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
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संघ ने मांग की कि गजट अधिसूचना निरस्त कर दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु दोबारा 60 वर्ष की जाए। इस अवसर पर सत्यनारायण, रामधन, सतवीर, सुरेश कुमार, मूर्ति देवी, राजकुमार भोला, डॉ. सुरेंद्र गौड़, अनिता और राकेश मौजूद रहे।