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Jind News: चार साल पहले मैदान से दूर थीं बेटियां, अब पदकों से चमका रहीं गांव का नाम
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18जेएनडी12: बीबीपुर गांव के स्कूल के मैदान में मौजूद खिलाड़ी व उनके साथ कोच व अन्य ग्रामीण। सं
जींद। जिले के बीबीपुर गांव की बेटियां अब खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। पिछले चार वर्षों में गांव की एथलेटिक्स नर्सरी के प्रति लड़कियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। नियमित अभ्यास और कोच श्रवण के मार्गदर्शन में बेटियां राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर गांव का नाम रोशन कर रही हैं।
सुप्रिया ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता है और उसका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। वहीं, गीता ने कांस्य पदक हासिल कर गांव का मान बढ़ाया है।
बीबीपुर के स्कूल मैदान में 30 खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रही हैं। कोच श्रवण सुबह और शाम खिलाड़ियों को तीन से चार घंटे तक अभ्यास करवाते हैं। खिलाड़ियों को दौड़, गति, सहनशक्ति और प्रतियोगिता की तैयारी पर ध्यान दिया जाता है।
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नियमित अभ्यास के साथ खिलाड़ियों में आगे बढ़ने का उत्साह भी बढ़ा है। चार साल पहले तक मैदान में लड़कियों की भागीदारी नहीं के बराबर थी लेकिन अब वे खेल को भविष्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
सुप्रिया के राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने से बढ़ा हौसला
राज्य स्तर पर रजत पदक जीतने वाली सुप्रिया का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन गांव के लिए बड़ी उपलब्धि है। उसकी सफलता से अभ्यास कर रही अन्य लड़कियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल रही है। गीता के कांस्य पदक ने भी यह दिखाया है कि लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन से ग्रामीण क्षेत्र की खिलाड़ी आगे बढ़ सकती हैं।
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सुप्रिया ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता है और उसका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। वहीं, गीता ने कांस्य पदक हासिल कर गांव का मान बढ़ाया है।
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बीबीपुर के स्कूल मैदान में 30 खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रही हैं। कोच श्रवण सुबह और शाम खिलाड़ियों को तीन से चार घंटे तक अभ्यास करवाते हैं। खिलाड़ियों को दौड़, गति, सहनशक्ति और प्रतियोगिता की तैयारी पर ध्यान दिया जाता है।
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नियमित अभ्यास के साथ खिलाड़ियों में आगे बढ़ने का उत्साह भी बढ़ा है। चार साल पहले तक मैदान में लड़कियों की भागीदारी नहीं के बराबर थी लेकिन अब वे खेल को भविष्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
सुप्रिया के राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने से बढ़ा हौसला
राज्य स्तर पर रजत पदक जीतने वाली सुप्रिया का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन गांव के लिए बड़ी उपलब्धि है। उसकी सफलता से अभ्यास कर रही अन्य लड़कियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल रही है। गीता के कांस्य पदक ने भी यह दिखाया है कि लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन से ग्रामीण क्षेत्र की खिलाड़ी आगे बढ़ सकती हैं।