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Jind News: ऊंट के मुंह में जीरा... सिर्फ 2500 रुपये में कैसे दूर होगी पीड़ा
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23जेएनडी16: नागरिक अस्पताल के नए भवन में दंत चिकित्सकों के खाली पड़े कमरे। संवाद
नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार चिकित्सकों व मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में कई दिन पहले फेक्टर आठ व एआरवी के इंजेक्शन खत्म हुए थे। अब दांत के मरीजों के इलाज में उपयोग होने वाली सामग्री खत्म हो गई है। इस सामान की खरीद के लिए बजट भी महज 2500 रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली है। इससे मरीजों को काफी परेशानी होगी।
इस सामान की खरीद के लिए डेंटल सर्जन डिप्टी एमएस से मिले और समस्या के समाधान की मांग की। इस पर चिकित्सक विभाग के अधिकारियों ने बजट न होने की असमर्थता जाहिर की। इसके बाद मात्र 2500 रुपये की राशि से सामान खरीद के बजट की मंजूरी दी। अस्पताल में वित्त वर्ष समाप्त होने के दौरान यह समस्या ज्यादा गहराती जा रही है। इससे पहले हीमोफीलिया के मरीजों को लगने वाले फैक्टर आठ इंजेक्शन, पशुओं के काटने वाले एआरवी इंजेक्शन पहले ही खत्म हो चुके हैं। अब डेंटल का सामान भी खत्म हो चुका है।
बाक्स
डेंटल विंग का सामान हुआ खत्म
जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में डेंटल विंग का सामान खत्म हो गया। इसे लेकर डाॅ. विशाल पोरस, डाॅ. पूनम मान ने डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला से मुलाकात की। डेंटल विंग में सबसे जरूरी फिलिंग में काम आने वाला मेटिरियल खत्म होने की बात कही, अस्पताल में डेंटल ओपीडी रोज 250 से 300 तक हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज दांतों के दर्द, जाड़ भरवाने, पायरिया के ज्यादा होते हैं। जाड़ फिलिंग के लिए मेटीरियल की बेहद जरूरी आवश्यकता बढ़ गई है।
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बाक्स
स्वास्थ्य मुख्यालय से बजट मुहैया न होने के चलते आ रही परेशानी
स्वास्थ्य मुख्यालय से बजट मुहैया न होने के चलते अस्पताल प्रशासन को कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। एक साल पहले अस्पताल में खराब हुए ऑक्सीजन प्लांट के लिए बजट आज तक नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खोला जा रहा है। इसके लिए 10 लाख रुपये के बजट की मांग की गई, लेकिन बजट नहीं मिल पा रहा है।
बाक्स
इस समय हिसार की सीएमओ डाॅ. सपना को जींद अस्पताल के सीएमओ पद का एडिशनल चार्ज है। इसके अलावा पीएमओ का काम भी वह देख रहे हैं। फिलहाल किसी के पास वित्तीय पावर नहीं है। कमेटी बनाकर काम चलाया जा रहा है। वित्तीय भुगतान को लेकर लगातार मुख्यालय से मांग की जा रही है।
-डाॅ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल, जींद।
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इस सामान की खरीद के लिए डेंटल सर्जन डिप्टी एमएस से मिले और समस्या के समाधान की मांग की। इस पर चिकित्सक विभाग के अधिकारियों ने बजट न होने की असमर्थता जाहिर की। इसके बाद मात्र 2500 रुपये की राशि से सामान खरीद के बजट की मंजूरी दी। अस्पताल में वित्त वर्ष समाप्त होने के दौरान यह समस्या ज्यादा गहराती जा रही है। इससे पहले हीमोफीलिया के मरीजों को लगने वाले फैक्टर आठ इंजेक्शन, पशुओं के काटने वाले एआरवी इंजेक्शन पहले ही खत्म हो चुके हैं। अब डेंटल का सामान भी खत्म हो चुका है।
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डेंटल विंग का सामान हुआ खत्म
जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में डेंटल विंग का सामान खत्म हो गया। इसे लेकर डाॅ. विशाल पोरस, डाॅ. पूनम मान ने डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला से मुलाकात की। डेंटल विंग में सबसे जरूरी फिलिंग में काम आने वाला मेटिरियल खत्म होने की बात कही, अस्पताल में डेंटल ओपीडी रोज 250 से 300 तक हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज दांतों के दर्द, जाड़ भरवाने, पायरिया के ज्यादा होते हैं। जाड़ फिलिंग के लिए मेटीरियल की बेहद जरूरी आवश्यकता बढ़ गई है।
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स्वास्थ्य मुख्यालय से बजट मुहैया न होने के चलते आ रही परेशानी
स्वास्थ्य मुख्यालय से बजट मुहैया न होने के चलते अस्पताल प्रशासन को कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। एक साल पहले अस्पताल में खराब हुए ऑक्सीजन प्लांट के लिए बजट आज तक नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र खोला जा रहा है। इसके लिए 10 लाख रुपये के बजट की मांग की गई, लेकिन बजट नहीं मिल पा रहा है।
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इस समय हिसार की सीएमओ डाॅ. सपना को जींद अस्पताल के सीएमओ पद का एडिशनल चार्ज है। इसके अलावा पीएमओ का काम भी वह देख रहे हैं। फिलहाल किसी के पास वित्तीय पावर नहीं है। कमेटी बनाकर काम चलाया जा रहा है। वित्तीय भुगतान को लेकर लगातार मुख्यालय से मांग की जा रही है।
-डाॅ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल, जींद।