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सीआरएसयू : कलाकारों ने हरियाणवी गीतों पर बिखेरे कला के जलवे
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चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय(सीआरएसयू) में मंगलवार को राज्य स्तरीय हरियाणा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन कुलपति डॉ. रणपाल सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर प्रोफेसर अनूप लाठर ने शिरकत की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेजों के उन विद्यार्थियों ने भाग लिया जिन्होंने कॉलेज स्तर पर युवा उत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके अलावा इसमें प्रदेश के कलाकारों ने भी शामिल होकर हरियाणवी गीतों पर अपनी कला के जलवे बिखेरे।
कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा दिवस पर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार शुद्ध हरियाणवी में यहां की बोली, यहां का साहित्य एवं संस्कृति को लेकर आयोजित उत्सव भविष्य में हरियाणवी संस्कृति के प्रचार-प्रसार में नए आयाम स्थापित करेगा। हरियाणा उत्सव के मुख्यातिथि प्रोफेसर अनूप लाठर ने कहा कि चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह उत्सव एक उत्सव तो है ही साथ ही यह हरियाणवी संस्कृति का यज्ञ है। लाठर ने कहा कि चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में हरियाणा उत्सव एक पौधे के रूप में शुरू हुआ है। भविष्य में यह एक वट वृक्ष के रूप में हरियाणवी संस्कृति को एक नया आयाम देगा। कलाकारों ने फिल्म चंद्रावल देखण मै जाउंगी, उतां का सै गाम बावली उड़ जाईये रे कबूतर उड़ जाईये रे, मार देंगे मार देंगे नखरे मेरे समेत अनेक गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रदीप बूरा, पूजा हुड्डा, महेंद्र झंडू, गगन हरियाणवी, सुरेंद्र रोमियो, देव कु मार देवा, अंजलि सिंह हुड्डा, सुमित कजला, नवीन नारू, निशा राणा, बिरु कटारिया, विनोद व रेणु दुहन ने अपनी कला की प्रस्तुति दी।
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कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा दिवस पर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार शुद्ध हरियाणवी में यहां की बोली, यहां का साहित्य एवं संस्कृति को लेकर आयोजित उत्सव भविष्य में हरियाणवी संस्कृति के प्रचार-प्रसार में नए आयाम स्थापित करेगा। हरियाणा उत्सव के मुख्यातिथि प्रोफेसर अनूप लाठर ने कहा कि चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह उत्सव एक उत्सव तो है ही साथ ही यह हरियाणवी संस्कृति का यज्ञ है। लाठर ने कहा कि चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में हरियाणा उत्सव एक पौधे के रूप में शुरू हुआ है। भविष्य में यह एक वट वृक्ष के रूप में हरियाणवी संस्कृति को एक नया आयाम देगा। कलाकारों ने फिल्म चंद्रावल देखण मै जाउंगी, उतां का सै गाम बावली उड़ जाईये रे कबूतर उड़ जाईये रे, मार देंगे मार देंगे नखरे मेरे समेत अनेक गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रदीप बूरा, पूजा हुड्डा, महेंद्र झंडू, गगन हरियाणवी, सुरेंद्र रोमियो, देव कु मार देवा, अंजलि सिंह हुड्डा, सुमित कजला, नवीन नारू, निशा राणा, बिरु कटारिया, विनोद व रेणु दुहन ने अपनी कला की प्रस्तुति दी।
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