{"_id":"7907fbe4bcd2c38f243ba729cdd699a4","slug":"murder-in-ghoghadiya-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोघड़िया के निकट व्यक्ति की गोली मारकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घोघड़िया के निकट व्यक्ति की गोली मारकर हत्या
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गांव घोघड़िया के निकट शुक्रवार रात को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक का शव सड़क किनारे पड़ा मिला।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल नरवाना में पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
शनिवार सुबह जब लोग सैर करने के लिए निकले तो गांव घोघड़िया से बधाना की तरफ जाने वाले लिंक मार्ग पर एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
विज्ञापन
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मुआयना किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक के छाती में गोली मारी गई और शव को सड़क किनारे डाला गया है। बाद में मृतक की पहचान गांव अलीपुरा निवासी बलजीत के रूप में हुई। मृतक के पिता जगत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा बलजीत जींद में एक बाइक एजेंसी में मिस्त्री था।
विज्ञापन
शुक्रवार रात साढ़े आठ बजे उसके भतीजे अनिल ने उसके पास फोन करके पूछा तो बलजीत ने बताया कि वह लेट घर आएगा।
वह नगूरां गांव में है उसके साथ एक व्यक्ति है। नौ बजे के करीब जब उसके पास दोबारा से फोन किया तो बलजीत ने बताया कि वो पौने घंटे के बाद घर पहुंच जाऊंगा।
दोबारा से फिर बलजीत के बाद फोन किया तो घंटी जाती रही थी लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। सुबह बलजीत का शव होने से आसपास मोटरसाइकिल की तलाश भी मौके पर पहुंचे लोगों, पुलिस ने की लेकिन कही मोटरसाइकिल नजर नहीं आया।
पुलिस को अंदेशा है कि बलजीत की हत्या करके शव को बाइक से लाकर कच्चे रास्ते पर फेंका गया है। पुलिस हत्या के मामले में बलजीत के साथी की तलाश में लगी है कि बलजीत के साथ रात को कौन था।
एक साल पहले भाई की हो गई थी मौत
पुलिस के अनुसार बलजीत की मौत के बाद परिवार के पालन-पोषण का बोझ अब बुजुर्ग पिता जगत के कंधों पर आ गई है। बलजीत के बड़े भाई बलवान की एक साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी बलजीत के कंधों पर थी। पहले उचाना के पुराने बस स्टैंड पर मैकेनिक का काम करता था। कुछ महीने से जींद में बाइक एजेंसी में काम करने जाता था। बलजीत की मौत ने तीन लड़की, एक लड़के के सिर से बाप का साया छिन लिया है।