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जेलों में बंद युवकों को रिहा करे सरकार
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:29 AM IST
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से जेलों में बंद युवकों को रिहा करने की मांग करते हुए दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। रविवार को समिति की जिला इकाई की जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जाट धर्मशाला में बैठक हुई।
बैठक में आरक्षण आंदोलन के मामले में जेलों में बंद युवकों पर चल रहे केसों पर समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य में आंदोलन की रूपरेखा को लेकर चर्चा की गई। कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार अगर सरकार जेलों में बंद युवकों को रिहा नहीं करती है, तो जाट दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में बीरभान ढुल, जय सिंह दनौदा, नफे सिंह पेगा, बिजेंद्र सिंधु, जयपाल जुलानी, जगमहेंद्र जुलानी, बिमला सिवाच, चांदरूप मलिक, बलवान सिंह ने हिस्सा लिया।
बैठक में आरक्षण आंदोलन के मामले में जेलों में बंद युवकों पर चल रहे केसों पर समीक्षा की गई। साथ ही भविष्य में आंदोलन की रूपरेखा को लेकर चर्चा की गई। कैप्टन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार अगर सरकार जेलों में बंद युवकों को रिहा नहीं करती है, तो जाट दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में बीरभान ढुल, जय सिंह दनौदा, नफे सिंह पेगा, बिजेंद्र सिंधु, जयपाल जुलानी, जगमहेंद्र जुलानी, बिमला सिवाच, चांदरूप मलिक, बलवान सिंह ने हिस्सा लिया।
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