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नौकरी दिलाने का झांसा देकर हड़पे साढ़े 31 लाख
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:34 AM IST
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रोहतक पीजीआई में युवकों को आउटसोर्सिंग पर नौकरी दिलाने और युवकों के 21 माह का वेतन हड़पने के आरोप में पुलिस ने एक एनजीओ के उपप्रधान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला जींद शहर थाना में दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने सिक्योरिटी और वेतन के लगभग साढ़े 31 लाख रुपये हड़पे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव अनूपगढ़ निवासी शमशेर ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके संपर्क में पीजीआई रोहतक में कार्यरत महादेव सेवा संघ के उपप्रधान शीला बाईपास रोहतक निवासी सतीश से हुआ।
उसने बताया कि वह संस्था की तरफ से पीजीआई रोहतक में आउटसोर्सिंग के तहत युवकों को रोजगार दिलाता है। रोजगार के लिए प्रत्येक कर्मचारी को 12 हजार रुपये का वेतन दिया जाएगा। उसने बताया कि नौकरी करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को सिक्योरिटी के तौर पर दो लाख रुपये देने पड़ेंगे। इस पर वह झांसे में आ गया। इस दौरान उसने अपने बेटे उत्तम सिंह सहित अपने सात रिश्तेदारों की दो-दो लाख रुपये देकर नौकरी दिला दी। इस दौरान आरोपी सतीश ने सभी लिखित में दे दिया। सात युवकों ने लगभग 21 माह तक पीजीआई में नौकरी की, लेकिन इस दौरान केवल तीन माह का ही वेतन दिया।
जब युवकों ने वेतन की डिमांड की तो उनको नौकरी से हटा दिया। इस दौरान सातों की सिक्योरिटी और वेतन के 31 लाख 64 हजार रुपये बनते थे। जब उन्होंने बकाया वेतन तथा सिक्योरिटी राशि को वापस मांगा तो संस्था के उपप्रधान ने सिक्योरिटी राशि तथा बकाया वेतन देने से मना कर दिया और धमकी दी। पुलिस ने शमशेर की शिकायत पर सतीश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उसने बताया कि वह संस्था की तरफ से पीजीआई रोहतक में आउटसोर्सिंग के तहत युवकों को रोजगार दिलाता है। रोजगार के लिए प्रत्येक कर्मचारी को 12 हजार रुपये का वेतन दिया जाएगा। उसने बताया कि नौकरी करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को सिक्योरिटी के तौर पर दो लाख रुपये देने पड़ेंगे। इस पर वह झांसे में आ गया। इस दौरान उसने अपने बेटे उत्तम सिंह सहित अपने सात रिश्तेदारों की दो-दो लाख रुपये देकर नौकरी दिला दी। इस दौरान आरोपी सतीश ने सभी लिखित में दे दिया। सात युवकों ने लगभग 21 माह तक पीजीआई में नौकरी की, लेकिन इस दौरान केवल तीन माह का ही वेतन दिया।
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जब युवकों ने वेतन की डिमांड की तो उनको नौकरी से हटा दिया। इस दौरान सातों की सिक्योरिटी और वेतन के 31 लाख 64 हजार रुपये बनते थे। जब उन्होंने बकाया वेतन तथा सिक्योरिटी राशि को वापस मांगा तो संस्था के उपप्रधान ने सिक्योरिटी राशि तथा बकाया वेतन देने से मना कर दिया और धमकी दी। पुलिस ने शमशेर की शिकायत पर सतीश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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