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36 घंटे के बाद परिजनों ने अस्पताल से उठाया शव
अमर उजाला ब्यूरो जींद
Updated Mon, 29 May 2017 12:32 AM IST
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धरना खत्म होने के बाद घर की तरफ जाते हुए मृतक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चाबरी कॉलोनी में शिक्षा विभाग के स्वीपर तेजपाल की हत्या के मामले में 36 घंटे के बाद रविवार सुबह परिजनों ने शव को उठा लिया और उनका अंतिम संस्कार कर दिया। रविवार को डीसी अमित खत्री नागरिक अस्पताल में चल रहे धरने के बीच में पहुंचे और परिजनों से बातचीत करके पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और फिलहाल अस्थाई नौकरी देने का आश्वासन दिया।
इस दौरान अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि शिक्षा विभाग में स्थायी नौकरी होने में तेजपाल की सीनियरटी 30वें स्थान पर थी। इसलिए भविष्य में जो भी सदस्य अस्थायी नौकरी लगेगा उसे इस सीनियरटी का लाभ दिया जाएगा। डीसी के इस आश्वासन के बाद परिजन शव उठाने के लिए तैयार हो गए। हालांकि इस दौरान धरने पर बैठे कमेटी के कुछ सदस्यों ने परिजनों के इस फैसले पर ऐतराज जताया, लेकिन परिजनों ने उनकी नहीं सुनी और शव को उठाकर ले गए।
जहां पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। ज्ञात रहे कि राम कॉलोनी निवासी तेजपाल की अज्ञात लोगों ने तेजधार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी और उसका शव चाबरी कॉलोनी के निकट खाली जमीन पर पड़ा मिला था।
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इसके बाद परिजनों ने नागरिक अस्पताल में आरोपियों की गिरफ्तारी, एक सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर शव को उठाने से मना करके धरना शुरू कर दिया था। शनिवार को भी डीसी अमित खत्री और एसडीएम अश्वनी मलिक से बातचीत हुई थी, लेकिन परिजन दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और स्थायी नौकरी पर अड़े थे। लेकिन रविवार सुबह अचानक डीसी अमित खत्री धरने के बीच में पहुंचे और परिवार के लोगों से बातचीत की। इस दौरान डीसी अमित खत्री ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को फिलहाल अस्थायी नौकरी देने व आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद परिजन शव को उठाने को तैयार हो गए। सदर थाना प्रभारी रविश कुमार ने बताया कि डीसी के आश्वासन के बाद शव को उठा लिया है और अंतिम संस्कार कर दिया है। हत्यारोपियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस दौरान अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि शिक्षा विभाग में स्थायी नौकरी होने में तेजपाल की सीनियरटी 30वें स्थान पर थी। इसलिए भविष्य में जो भी सदस्य अस्थायी नौकरी लगेगा उसे इस सीनियरटी का लाभ दिया जाएगा। डीसी के इस आश्वासन के बाद परिजन शव उठाने के लिए तैयार हो गए। हालांकि इस दौरान धरने पर बैठे कमेटी के कुछ सदस्यों ने परिजनों के इस फैसले पर ऐतराज जताया, लेकिन परिजनों ने उनकी नहीं सुनी और शव को उठाकर ले गए।
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जहां पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। ज्ञात रहे कि राम कॉलोनी निवासी तेजपाल की अज्ञात लोगों ने तेजधार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी और उसका शव चाबरी कॉलोनी के निकट खाली जमीन पर पड़ा मिला था।
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इसके बाद परिजनों ने नागरिक अस्पताल में आरोपियों की गिरफ्तारी, एक सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर शव को उठाने से मना करके धरना शुरू कर दिया था। शनिवार को भी डीसी अमित खत्री और एसडीएम अश्वनी मलिक से बातचीत हुई थी, लेकिन परिजन दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता और स्थायी नौकरी पर अड़े थे। लेकिन रविवार सुबह अचानक डीसी अमित खत्री धरने के बीच में पहुंचे और परिवार के लोगों से बातचीत की। इस दौरान डीसी अमित खत्री ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को फिलहाल अस्थायी नौकरी देने व आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद परिजन शव को उठाने को तैयार हो गए। सदर थाना प्रभारी रविश कुमार ने बताया कि डीसी के आश्वासन के बाद शव को उठा लिया है और अंतिम संस्कार कर दिया है। हत्यारोपियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।