{"_id":"627a7ce17c60060af9689cb6","slug":"five-years-imprisonment-for-molesting-minor-girls-in-jind-of-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"जींद: नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने के दोषी को पांच साल की कैद, जुर्माना भी लगाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
जींद: नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने के दोषी को पांच साल की कैद, जुर्माना भी लगाया
Tue, 10 May 2022 08:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 10 May 2022 08:25 PM IST
सार
न्यायालय ने दोषी को 10 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक पीड़ित बच्ची को 50 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के जींद के उचाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 27 जून 2020 को गली में खेल रहीं तीन नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में एएसजे चंद्रहास की अदालत ने मोहनलाल को दोषी करार देते हुए उसे पांच साल की कैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
उचाना थाना पुलिस को दी शिकायत में नाबालिग लड़कियों के अभिभावकों ने बताया कि गांव के ही मोहनलाल ने गली में खेल रहीं छह, सात व 12 वर्ष की तीन नाबालिग लड़कियों केसाथ खेलते हुए छेड़छाड़ की तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन
इस मामले में लड़कियों ने अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया। पीड़ित बालिकाओं के परिजनों की शिकायत पर इस मामले में उचाना थाना पुलिस ने मोहनलाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जिसके बाद आरोपी को 30 जुलाई 2020 को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
उपनिरीक्षक प्रेम देवी ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य एकत्रित कर अदालत में पेश किए। उसी समय से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में मंगलवार को एएसजे चंद्रहास की अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी मोहनलाल को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक पीड़ित बच्ची को 50 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर दिए जाएंगे।