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सूबेदार धर्मेंद्र का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना।
करसोला गांव में दोपहर बाद आर्मी गार्ड के सूबेदार धर्मेंद्र का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर काफी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। गांव करसोला निवासी धर्मेंद्र पांच पंजाब एनसीसी बटालियन में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। पटियाला से ब्यास अपनी बाइक पर सवार होकर ड्यूटी के लिए जा रहे थे। बीच रास्ते में ट्रैक्टर ट्राली से बाइक की भिड़ंत हो गई। इसमें सूबेदार धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। सूबेदार धर्मेंद्र के शव को गांव करसोला में लाया गया। इस मौके पर 15 हरियाणा बटालियन से लेफ्टिनेंट कर्नल परवीर कानूनगो, सूबेदार मेजर राजपाल मलिक, सूबेदार सुरेश कुमार और अन्य सेना के जवान पहुंचे। यहां पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सूबेदार धर्मेंद्र की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। धर्मेंद्र अपने पीछे अपनी पत्नी और दो लड़कियां मीनू (16 वर्षीय), मानकी (7 वर्षीय) और एक लड़का विक्की (14 वर्षीय ) को छोड़ गए हैं।
सूबेदार धर्मेंद्र का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सड़क हादसे में हुई थी मौत
जुलाना।
करसोला गांव में दोपहर बाद आर्मी गार्ड के सूबेदार धर्मेंद्र का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर काफी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। गांव करसोला निवासी धर्मेंद्र पांच पंजाब एनसीसी बटालियन में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे। पटियाला से ब्यास अपनी बाइक पर सवार होकर ड्यूटी के लिए जा रहे थे। बीच रास्ते में ट्रैक्टर ट्राली से बाइक की भिड़ंत हो गई। इसमें सूबेदार धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। सूबेदार धर्मेंद्र के शव को गांव करसोला में लाया गया। इस मौके पर 15 हरियाणा बटालियन से लेफ्टिनेंट कर्नल परवीर कानूनगो, सूबेदार मेजर राजपाल मलिक, सूबेदार सुरेश कुमार और अन्य सेना के जवान पहुंचे। यहां पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सूबेदार धर्मेंद्र की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। धर्मेंद्र अपने पीछे अपनी पत्नी और दो लड़कियां मीनू (16 वर्षीय), मानकी (7 वर्षीय) और एक लड़का विक्की (14 वर्षीय ) को छोड़ गए हैं।
सूबेदार धर्मेंद्र का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सड़क हादसे में हुई थी मौत