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नागरिक अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत पैसे देकर नौकरी लगवाने का ऑडियो वायरल
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:48 AM IST
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नागरिक अस्पताल में पैसे देकर नौकरी दिलाने का ऑडियो वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आउटसोर्सिंग के तहत नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी व एक व्यक्ति का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें पैसे लेकर आउटसोर्सिंग के तहत नौकरी लगवाने की बात कही गई है। अब महिला ने यूटर्न लेते हुए कहा कि नागरिक अस्पताल में कार्यरत दो लोगों ने दबाव बनाकर उसका ऑडियो बनाया। उसने ऑडियो में जो कुछ कहा काई सच्चाई नहीं है। सिविल सर्जन ने कहा कि कमेटी बनाकर इस मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के लिए कुछ दिन पहले नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक महिला का ऑडियो वायरल हुआ। इसमें वह महिला किसी अन्य व्यक्ति से बात कर रही है। बात करने वाला व्यक्ति कहता है कि सिविल सर्जन उसकी मुट्ठी में हैं, वह 30 से 35 हजार रुपये में जिसको चाहे आउटसोर्सिंग के तहत नागरिक अस्पताल में नौकरी दिलवा सकता है। इस ऑडियो को मोबाइल कॉल रिकार्डिंग बताया जा रहा है। इसमें सिविल सर्जन को अपनी मुट्ठी में बताने वाला व्यक्ति नागरिक अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत लगे हेल्परों का सुपरवाइजर बताया जा रहा है। अब महिला ने यूटर्न लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया तथा आउटसोर्सिंग के ठेकेदार राजेंद्र को दिए शपथ पत्र में कहा कि उसका जो ऑडियो वायरल हुआ है, वह नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक कार्यालय सुपरिंटेंडेंट व आउटसोर्सिंग के तहत लगे डाटा एंट्री ऑपरेटर ने जबरदस्ती बनाया है। दोनों ने उस पर दबाव डालकर यह ऑडियो बनाया है। इसमें किसी भी सुपरवाइजर या किसी अन्य व्यक्ति का कोई हाथ नहीं है। महिला ने शपथ-पत्र में यह भी कहा है कि वह इसके बाद मानसिक रूप से बीमार है। यदि उसको कुछ हो जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार दोनों व्यक्ति होंगे, जिन्होंने उस पर दबाव बनाया है।
मामला संज्ञान में आया है। महिला का शपथ-पत्र मिला है। यह नागरिक अस्पताल को बदनाम करने की एक साजिश हो सकती है। इस मामले में एक कमेटी बनाकर जांच करवाई जाएगी। जो भी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, जींद।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। आउटसोर्सिंग के तहत नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी व एक व्यक्ति का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें पैसे लेकर आउटसोर्सिंग के तहत नौकरी लगवाने की बात कही गई है। अब महिला ने यूटर्न लेते हुए कहा कि नागरिक अस्पताल में कार्यरत दो लोगों ने दबाव बनाकर उसका ऑडियो बनाया। उसने ऑडियो में जो कुछ कहा काई सच्चाई नहीं है। सिविल सर्जन ने कहा कि कमेटी बनाकर इस मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के लिए कुछ दिन पहले नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक महिला का ऑडियो वायरल हुआ। इसमें वह महिला किसी अन्य व्यक्ति से बात कर रही है। बात करने वाला व्यक्ति कहता है कि सिविल सर्जन उसकी मुट्ठी में हैं, वह 30 से 35 हजार रुपये में जिसको चाहे आउटसोर्सिंग के तहत नागरिक अस्पताल में नौकरी दिलवा सकता है। इस ऑडियो को मोबाइल कॉल रिकार्डिंग बताया जा रहा है। इसमें सिविल सर्जन को अपनी मुट्ठी में बताने वाला व्यक्ति नागरिक अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत लगे हेल्परों का सुपरवाइजर बताया जा रहा है। अब महिला ने यूटर्न लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया तथा आउटसोर्सिंग के ठेकेदार राजेंद्र को दिए शपथ पत्र में कहा कि उसका जो ऑडियो वायरल हुआ है, वह नागरिक अस्पताल में कार्यरत एक कार्यालय सुपरिंटेंडेंट व आउटसोर्सिंग के तहत लगे डाटा एंट्री ऑपरेटर ने जबरदस्ती बनाया है। दोनों ने उस पर दबाव डालकर यह ऑडियो बनाया है। इसमें किसी भी सुपरवाइजर या किसी अन्य व्यक्ति का कोई हाथ नहीं है। महिला ने शपथ-पत्र में यह भी कहा है कि वह इसके बाद मानसिक रूप से बीमार है। यदि उसको कुछ हो जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार दोनों व्यक्ति होंगे, जिन्होंने उस पर दबाव बनाया है।
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मामला संज्ञान में आया है। महिला का शपथ-पत्र मिला है। यह नागरिक अस्पताल को बदनाम करने की एक साजिश हो सकती है। इस मामले में एक कमेटी बनाकर जांच करवाई जाएगी। जो भी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, जींद।