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पूर्व सरपंच को चेक बाउंस के मामले में दो साल की सजा व दस हजार जुर्माना
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। उपमंडल के गांव सिंघपुरा के पूर्व सरपंच विक्रम मोहन को चेक बाउंस के मामले में दो साल की सजा व 10 हजार रुपये के साथ चेक की दोगुनी राशि देने की सजा सुनाई गई। जिसमें सरपंच को दोषी करार दिया गया है। करीब दो साल पहले यह मुकदमा शुरू हुआ था ।
अभियोग के अनुसार गांव सिंघपुरा निवासी राज सिंह ने अदालत से गुहार लगाई थी कि विक्रम मोहन ने उससे सरपंच का चुनाव लडने के लिए, राज सिंह से पांच लाख रुपये लिए थे। इसके बदले पूर्व सरपंच विक्रम मोहन ने उसे ढाई-ढाई लाख रुपये के चेक दिए। 15 जनवरी 2016 को तय समय सीमा में उसने दिए हुए चेक को बैंक में लगवाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बारे में विक्रम मोहन को बताया तो उसने पैसे लौटाने से मना कर दिया। वहीं इस मामले में विक्रम मोहन ने दोनों चेक गुम होने की शिकायत भी पुलिस को दी थी। साक्ष्य के तौर पर इसकी डीडीआर भी विक्रम मोहन ने अदालत में पेश की, लेकिन अदालत ने पाया कि चेक पर किए गए हस्ताक्षर विक्रम मोहन के हस्ताक्षरों से मेल खा रहे हैं। इस पर अदालत ने फैसला सुनाया है।
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सफीदों। उपमंडल के गांव सिंघपुरा के पूर्व सरपंच विक्रम मोहन को चेक बाउंस के मामले में दो साल की सजा व 10 हजार रुपये के साथ चेक की दोगुनी राशि देने की सजा सुनाई गई। जिसमें सरपंच को दोषी करार दिया गया है। करीब दो साल पहले यह मुकदमा शुरू हुआ था ।
अभियोग के अनुसार गांव सिंघपुरा निवासी राज सिंह ने अदालत से गुहार लगाई थी कि विक्रम मोहन ने उससे सरपंच का चुनाव लडने के लिए, राज सिंह से पांच लाख रुपये लिए थे। इसके बदले पूर्व सरपंच विक्रम मोहन ने उसे ढाई-ढाई लाख रुपये के चेक दिए। 15 जनवरी 2016 को तय समय सीमा में उसने दिए हुए चेक को बैंक में लगवाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बारे में विक्रम मोहन को बताया तो उसने पैसे लौटाने से मना कर दिया। वहीं इस मामले में विक्रम मोहन ने दोनों चेक गुम होने की शिकायत भी पुलिस को दी थी। साक्ष्य के तौर पर इसकी डीडीआर भी विक्रम मोहन ने अदालत में पेश की, लेकिन अदालत ने पाया कि चेक पर किए गए हस्ताक्षर विक्रम मोहन के हस्ताक्षरों से मेल खा रहे हैं। इस पर अदालत ने फैसला सुनाया है।
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