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हत्या व लूट के मामले में दो लोगों को अदालत ने दिया दोषी करार
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बुजुर्ग महिला के हत्यारों को 7-7 साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सफीदों के गांव सिवानामाल में छह अगस्त 2015 को हुइ बुजुर्ग महिला की हत्या और लूटपाट के मामले में अदालत ने सोमवार को सिवानामाल गांव निवासी दो लोगों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार छह अगस्त 2015 को गांव सिवानामाल निवासी 62 वर्षीय सुनेहरी देवी का शव चारपाई पर मिला था। उसके बेटे मामन उर्फ अशोक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह अपने परिवार के साथ लुधियाना में रहता है और वहां पर ट्रांसपोर्ट का काम करता है। वह पांच अगस्त को अपनी माता सुनेहरी देवी को एक लाख रुपये देकर गया था। करीब सवा लाख रुपये उसकी मां के पास थे। वह गांव में मकान बना रहा था। छह अगस्त को सुबह उसके पास फोन आया कि सनेहरी देवी की हत्या हो गई है। उसकी किसी अज्ञात ने गला घोंटकर हत्या की है। उसे शक था कि मां की हत्या लूट के इरादे से की गई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि इसमें गांव सिवानामाल निवासी संदीप उर्फ दीपू और पवन का हाथ है। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को अदालत ने पवन और संदीप को इस मामले में दोषी करार देते हुए दोनों को सात-सात साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सफीदों के गांव सिवानामाल में छह अगस्त 2015 को हुइ बुजुर्ग महिला की हत्या और लूटपाट के मामले में अदालत ने सोमवार को सिवानामाल गांव निवासी दो लोगों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार छह अगस्त 2015 को गांव सिवानामाल निवासी 62 वर्षीय सुनेहरी देवी का शव चारपाई पर मिला था। उसके बेटे मामन उर्फ अशोक ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह अपने परिवार के साथ लुधियाना में रहता है और वहां पर ट्रांसपोर्ट का काम करता है। वह पांच अगस्त को अपनी माता सुनेहरी देवी को एक लाख रुपये देकर गया था। करीब सवा लाख रुपये उसकी मां के पास थे। वह गांव में मकान बना रहा था। छह अगस्त को सुबह उसके पास फोन आया कि सनेहरी देवी की हत्या हो गई है। उसकी किसी अज्ञात ने गला घोंटकर हत्या की है। उसे शक था कि मां की हत्या लूट के इरादे से की गई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि इसमें गांव सिवानामाल निवासी संदीप उर्फ दीपू और पवन का हाथ है। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को अदालत ने पवन और संदीप को इस मामले में दोषी करार देते हुए दोनों को सात-सात साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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