फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Crime, Embezzlement, Treasury, Health Welfare Committee, jind

स्वास्थ्य कल्याण समिति के खजाने में हुआ गबन

Sun, 16 Apr 2017 12:21 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद Updated Sun, 16 Apr 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
Crime, Embezzlement, Treasury, Health Welfare Committee, jind
FRAUD SHIMLA
स्वास्थ्य विभाग के एजी द्वारा गठित कमेटी की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है। कमेटी ने फिलहाल एक वर्ष के कार्यकाल के रसीदों की जांच में ही इतना गबन मिला है। कमेटी ने आशंका जताई कि कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग ने आठ वर्ष तक नौकरी की है और उनके पूरे कार्यकाल की जांच के दौरान गबन की राशि बढ़ सकती है। पुलिस ने सिविल सर्जन की शिकायत पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया है। 
विज्ञापन


सिविल सर्जन ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव खरकरामजी निवासी जियाराम स्वास्थ्य विभाग में वार्ड अटेंडेंट के पद पर पांच अगस्त 2005 में कार्यरत हुआ था। तीन मई 2005 को जियाराम को नागरिक अस्पताल में विभिन्न जांचों के लिए रसीद काटने पर ड्यूटी लगाई थी। इन रसीदों से आने वाली राशि को स्वास्थ्य कल्याण समिति नागरिक अस्पताल में खाते में जमा कराई जाती है। वर्ष 2013 में स्वास्थ्य विभाग की एजी की टीम रुटीन की ऑडिट करने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंची। जब टीम ने एक माह का ऑडिट किया तो सामने आया कि 9120 रुपये का गबन किया गया है।
विज्ञापन


इसके बाद एजी टीम ने पूरे रिकार्ड के जांच के आदेश दिए। गबन का मामला सामने आते ही आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। इसके बाद कमेटी ने वर्ष 2013 के दौरान काटी गई रसीदों के पूरे रिकार्ड की जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि जियाराम ने एक साल के अंदर 94 हजार 160 रुपये का गबन किया गया है। जो राशि नागरिक अस्पताल के कल्याण समिति के खाते मेें जमा होनी थी, उसे आरोपी ने हड़प लिया है। कमेटी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की। पुलिस ने सिविल सर्जन की शिकायत पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जियाराम के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमेटी ने जताई ज्यादा गबन की आशंका
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभाग के उपाधीक्षक पितराम शर्मा, बसाऊराम, लेखाकार सतबीर वर्मा, रामफल श्योकंद को शामिल करके कमेटी गठित की। कमेटी ने आदेश के आधार पर केवल वर्ष 2013 के रिकार्ड की जांच के दौरान 94 हजार 160 रुपये का गबन सामने आया। कमेटी ने इस दौरान सिफारिश की आरोपी जियाराम ने इस कार्य को आठ वर्ष छह माह तक कार्य किया है। इसलिए इसकी जांच में ज्यादा समय लगेंगा और ज्यादा गबन होने पाया जा सकता है। इसलिए इसकी पूर्ण जांच की आवश्यकता है।


मामले के जांच अधिकारी नफे सिंह ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से शिकायत मिली है। उसी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed