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Jind News: किसानों को दिया संतुलित उर्वरक उपयोग का संदेश
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20जेएनडी06: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण।
जींद। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र में जागरुकता कार्यक्रम हुआ। इस दौरान किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने की नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
डॉ. पंघाल ने कहा कि अधिक पैदावार की होड़ में उर्वरकों का अंधाधुंध इस्तेमाल मिट्टी की उर्वरता को नष्ट कर रहा है। उन्होंने नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ-साथ जिंक, आयरन और सल्फर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व को भी समझाया।
उन्होंने कहा कि संतुलित खाद डालने से न केवल फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे फसलें सूखे का सामना बेहतर ढंग से कर पाती हैं।
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डॉ. पंघाल ने बताते हुए कहा कि बिना जांच के खाद डालना आंख बंद करके दवा लेने जैसा जोखिम भरा है। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खेती करने की सलाह दी ताकि अनावश्यक खर्च में कमी आए और पर्यावरण सुरक्षित रहे। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी के नमूने लेने की सही विधि भी सिखाई गई।
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डॉ. पंघाल ने कहा कि अधिक पैदावार की होड़ में उर्वरकों का अंधाधुंध इस्तेमाल मिट्टी की उर्वरता को नष्ट कर रहा है। उन्होंने नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ-साथ जिंक, आयरन और सल्फर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व को भी समझाया।
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उन्होंने कहा कि संतुलित खाद डालने से न केवल फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है, जिससे फसलें सूखे का सामना बेहतर ढंग से कर पाती हैं।
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डॉ. पंघाल ने बताते हुए कहा कि बिना जांच के खाद डालना आंख बंद करके दवा लेने जैसा जोखिम भरा है। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही खेती करने की सलाह दी ताकि अनावश्यक खर्च में कमी आए और पर्यावरण सुरक्षित रहे। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी के नमूने लेने की सही विधि भी सिखाई गई।