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Jind News: डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन स्थानांतरित कराने पर सुलझा विवाद
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पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अनुसूचित जाति के लोगों से बैठक करते जिला परिषद सीईओ विनेश कुमार। संव?
- फोटो : Jind
नरवाना। गांव उझाना में सरकारी जमी से डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा उठाने के बाद पैदा हुए विवाद को मंगलवार को आखिरकार जिला प्रशासन ने सुलझा लिया। इस मामले को लेकर गांव के लोगों में नाराजगी थी। तनाव की स्थिति बनी हुई है। समाज के लोगों ने बुधवार को हर हाल में प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया था।
जिला परिषद के सीईओ विनेश कुमार ने मंगलवार शाम को गांव उझाना के अनुसूचित जाति के लोगों के साथ नरवाना के लोक निर्माण विश्रामगृह में बैठक की। इसमें उन्होंने समाज के लोगों को समझाया कि जिस जमीन पर वह लोग बाबा साहेब की प्रतिमा को स्थापित करना चाहते थे, वह जमीन सरकारी है। बिना अनुमति इस प्रकार सरकारी जमीन पर किए जाने वाले कार्य को अतिक्रमण समझा जाएगा, इसी कारण प्रशासन ने कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस जमीन को पहले आप सरकार से संस्था के नाम ट्रांसफर करवाएं। इसके बाद ही इस पर संस्था कोई भी कार्य कर सकती है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सात जनवरी तक इस मामले की सभी औपचारिकताएं पूरी करके सरकार के पास जमीन ट्रांसफर का मामला भेज दिया जाएगा। इसके बाद जमीन ट्रांसफर हो जाएगी और इसमें वह कोई भी निर्माण या बाबा साहिब की प्रतिमा लगा सकते हैं।
इस पर ग्रामीण मान गए और मामला निपट गया। विनेश कुमार ने कहा कि मामला निपट गया है और गांव के लोगों में आपसी सौहार्द फिर से स्थापित हो गया है। इस अवसर पर तहसीलदार विजय कुमार, नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज, बीडीपीओ हनीश कुमार भी मौजूद रहे।
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राजनीति के शिकार हो गए थे ग्रामीण
उझाना में मूर्ति उठाने के विरोध में बड़ी संख्या में लोग आगे आ गए थे तथा प्रशासन को हर हाल में बुधवार तक बाबा साहिब की प्रतिमा स्थापित करने की चेतावनी दी थी। कुछ लोगों ने अन्य ग्रामीणों पर भी आरोप लगाए थे। वहीं अनुसूचित जाति के अलावा अन्य ग्रामीणों ने भी बुधवार को इस मामले में बाहर के लोगों को गांव के अंदर घुसने पर चेतावनी दी थी। दोनों तरफ की चेतावनी से गांव में माहौल खराब हो गया था। अब मामला निपट गया तो सभी ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताया है। साथ ही आपसी भाईचारे व प्यार से फिर से रहने का भरोसा दिलाया है।
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जिला परिषद के सीईओ विनेश कुमार ने मंगलवार शाम को गांव उझाना के अनुसूचित जाति के लोगों के साथ नरवाना के लोक निर्माण विश्रामगृह में बैठक की। इसमें उन्होंने समाज के लोगों को समझाया कि जिस जमीन पर वह लोग बाबा साहेब की प्रतिमा को स्थापित करना चाहते थे, वह जमीन सरकारी है। बिना अनुमति इस प्रकार सरकारी जमीन पर किए जाने वाले कार्य को अतिक्रमण समझा जाएगा, इसी कारण प्रशासन ने कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस जमीन को पहले आप सरकार से संस्था के नाम ट्रांसफर करवाएं। इसके बाद ही इस पर संस्था कोई भी कार्य कर सकती है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सात जनवरी तक इस मामले की सभी औपचारिकताएं पूरी करके सरकार के पास जमीन ट्रांसफर का मामला भेज दिया जाएगा। इसके बाद जमीन ट्रांसफर हो जाएगी और इसमें वह कोई भी निर्माण या बाबा साहिब की प्रतिमा लगा सकते हैं।
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इस पर ग्रामीण मान गए और मामला निपट गया। विनेश कुमार ने कहा कि मामला निपट गया है और गांव के लोगों में आपसी सौहार्द फिर से स्थापित हो गया है। इस अवसर पर तहसीलदार विजय कुमार, नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज, बीडीपीओ हनीश कुमार भी मौजूद रहे।
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राजनीति के शिकार हो गए थे ग्रामीण
उझाना में मूर्ति उठाने के विरोध में बड़ी संख्या में लोग आगे आ गए थे तथा प्रशासन को हर हाल में बुधवार तक बाबा साहिब की प्रतिमा स्थापित करने की चेतावनी दी थी। कुछ लोगों ने अन्य ग्रामीणों पर भी आरोप लगाए थे। वहीं अनुसूचित जाति के अलावा अन्य ग्रामीणों ने भी बुधवार को इस मामले में बाहर के लोगों को गांव के अंदर घुसने पर चेतावनी दी थी। दोनों तरफ की चेतावनी से गांव में माहौल खराब हो गया था। अब मामला निपट गया तो सभी ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताया है। साथ ही आपसी भाईचारे व प्यार से फिर से रहने का भरोसा दिलाया है।