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Jind News: बच्चों की लेखन कला सुधारने के लिए होगी प्रतियोगिता
Mon, 14 Aug 2023 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 14 Aug 2023 11:36 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सरकारी स्कूलों की तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र व छात्राओं की लेखन कला में सुधार के लिए शिक्षा विभाग पत्र लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित करेगा। यह प्रतियोगिता 16 अगस्त से प्रत्येक राजकीय प्राइमरी स्कूल में शुरू होगी। निपुण हरियाणा के तहत होने वाली यह प्रतियोगिता चार दिन चलेगी। इसका उद्देश्य बच्चों के लेखन कला में सुधार करना है।
वर्तमान में बच्चों की लिखाई सुंदर नहीं है क्योंकि बच्चों को सुलेख लिखने की आदत नहीं है। उनकी लिखने की कला निखारने के लिए ही यह प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। निपुण भारत मार्गदर्शिका का लक्ष्य प्राथमिक साक्षरता और गणित में सार्वभौमिक सुनिश्चित करने के लिए सक्षम वातावरण बनाना है ताकि वर्ष 2026-27 तक प्रत्येक विद्यार्थी ग्रेड-3 के अंत में पठन, लेखन और गणित में वांछित शिक्षात्मक क्षमताओं को प्राप्त कर सकें। प्राथमिक साक्षरता का मुख्य बिंदु विद्यार्थियों को स्वतंत्र, पाठक तथा लेखक बनाने की क्षमता है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अलग-अलग मंच प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे सीखे सकें और निपुण बन सकें। इस गतिविधि में तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चे भाग लेंगे। इन गतिविधियों में लड़कियां अपने भाईयों के लिए संदेश लिखेंगी।
बॉक्स
ये रहेगा कार्यक्रम
16 अगस्त को बच्चे अपने माता-पिता की सलाह से यह तय करेंगे कि किस-किस को पत्र लिखेंगे। 17 अगस्त को शिक्षकों को पत्रों की संख्या के साथ-साथ जिसको पत्र लिखा जाना है उसका नाम, रिश्ता और पत्राचार का पता और पिनकोड की जानकारी देंगे। पत्र में प्राप्तकर्ता के स्थान पर जिसको पत्र लिखा जाना है, उसका नाम लिखना भी जरूरी है। इसी दिन परिवार के सदस्यों की सहायता से बच्चा पत्र लिखेगा और आवश्यक बदलाव करेगा। 18 अगस्त को पोस्टकार्ड खरीदने के लिए विद्यार्थी को खुद ही डाकघर जाना होगा। यदि आसपास कोई डाकघर नहीं है तो डाक कार्ड खरीदने में बच्चे अपने परिजनों की सहायता ले सकते हैं। 19 अगस्त को दो दिन के अभ्यास के बाद बच्चों द्वारा पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद परिजनों को पढ़कर सुनाया जाएगा और लिखे गए पत्र की फोटो अध्यापक को भेजी जाएगी। 19 अगस्त को बच्चे खुद जाकर डाकघर के माध्यम से पत्र भेजेंगे।
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वर्जन
बच्चों की लेखन कला सुधारने के लिए विभाग की तरफ से यह चार दिवसीय प्रतियोगिता करवाई जा रही है ताकि प्राइमरी कक्षाओं से ही बच्चों की लिखने की कला को सुधारा जा सके और बच्चों में भी साफ-साफ लिखने की रूचि बढ़ सके।-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक, एफएलएन जींद
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जींद। सरकारी स्कूलों की तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र व छात्राओं की लेखन कला में सुधार के लिए शिक्षा विभाग पत्र लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित करेगा। यह प्रतियोगिता 16 अगस्त से प्रत्येक राजकीय प्राइमरी स्कूल में शुरू होगी। निपुण हरियाणा के तहत होने वाली यह प्रतियोगिता चार दिन चलेगी। इसका उद्देश्य बच्चों के लेखन कला में सुधार करना है।
वर्तमान में बच्चों की लिखाई सुंदर नहीं है क्योंकि बच्चों को सुलेख लिखने की आदत नहीं है। उनकी लिखने की कला निखारने के लिए ही यह प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। निपुण भारत मार्गदर्शिका का लक्ष्य प्राथमिक साक्षरता और गणित में सार्वभौमिक सुनिश्चित करने के लिए सक्षम वातावरण बनाना है ताकि वर्ष 2026-27 तक प्रत्येक विद्यार्थी ग्रेड-3 के अंत में पठन, लेखन और गणित में वांछित शिक्षात्मक क्षमताओं को प्राप्त कर सकें। प्राथमिक साक्षरता का मुख्य बिंदु विद्यार्थियों को स्वतंत्र, पाठक तथा लेखक बनाने की क्षमता है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अलग-अलग मंच प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे सीखे सकें और निपुण बन सकें। इस गतिविधि में तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चे भाग लेंगे। इन गतिविधियों में लड़कियां अपने भाईयों के लिए संदेश लिखेंगी।
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16 अगस्त को बच्चे अपने माता-पिता की सलाह से यह तय करेंगे कि किस-किस को पत्र लिखेंगे। 17 अगस्त को शिक्षकों को पत्रों की संख्या के साथ-साथ जिसको पत्र लिखा जाना है उसका नाम, रिश्ता और पत्राचार का पता और पिनकोड की जानकारी देंगे। पत्र में प्राप्तकर्ता के स्थान पर जिसको पत्र लिखा जाना है, उसका नाम लिखना भी जरूरी है। इसी दिन परिवार के सदस्यों की सहायता से बच्चा पत्र लिखेगा और आवश्यक बदलाव करेगा। 18 अगस्त को पोस्टकार्ड खरीदने के लिए विद्यार्थी को खुद ही डाकघर जाना होगा। यदि आसपास कोई डाकघर नहीं है तो डाक कार्ड खरीदने में बच्चे अपने परिजनों की सहायता ले सकते हैं। 19 अगस्त को दो दिन के अभ्यास के बाद बच्चों द्वारा पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद परिजनों को पढ़कर सुनाया जाएगा और लिखे गए पत्र की फोटो अध्यापक को भेजी जाएगी। 19 अगस्त को बच्चे खुद जाकर डाकघर के माध्यम से पत्र भेजेंगे।
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बच्चों की लेखन कला सुधारने के लिए विभाग की तरफ से यह चार दिवसीय प्रतियोगिता करवाई जा रही है ताकि प्राइमरी कक्षाओं से ही बच्चों की लिखने की कला को सुधारा जा सके और बच्चों में भी साफ-साफ लिखने की रूचि बढ़ सके।-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक, एफएलएन जींद