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पीपीसी से पेयजल कनेक्शन जोड़ने के लिए लगाए जाएंगे सक्षम युवा
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लोगों को पेयजल कनेक्शन पीपीपी से जोडने के लिए जागरूक करते रणधीर मताना। संवाद।
- फोटो : Jind
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जींद। पेयजल कनेक्शन को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जोडने के लिए अगले महीने जनस्वास्थ्य विभाग 200 सक्षम युवाओं की टीम को लगाएगा। जिले के विभिन्न गांवों में एक लाख 87 हजार 90 पेयजल कनेक्शन हैं। इनमें से 98 हजार 49 कनेक्शन पीपीपी से जुड़ चुके हैं जबकि 89 हजार से अधिक कनेक्शन अभी भी बाकी हैं। पीपीपी से पेयजल कनेक्शन जुडने के बाद उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ मिलेगा।
जिले के 80 प्रतिशत से ज्यादा गांवों में नहरी पानी पर आधारित पेयजल सप्लाई है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। ऐसे में अगर जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित किसी तरह की बिल माफी या दूसरी योजना आएगी तो उसका लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ जुड़ा होगा। अब तक विभाग ने एक लाख 87 हजार 90 कनेक्शनों में से 98 हजार 49 कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिए हैं। शेष 89 हजार से अधिक कनेक्शन जोडने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने एक महीने का लक्ष्य रखा है। परिवार पहचान पत्र से कनेक्शन जुडने के बाद पेयजल के सभी कनेक्शन वैध हो जाएंगे। जिस घर तक पानी नहीं पहुंच रहा, इसकी जानकारी भी विभाग को उपलब्ध होगी, क्योंकि परिवार पहचान पत्र लिंक करते समय टीम यह भी निरीक्षण करेगी कि किस घर में पेयजल पहुंच रहा है और किस घर तक नहीं। एक घर में एक से अधिक कनेक्शन होने पर कनेक्शन को काटा जाएगा। इससे दूसरे घरों तक पानी पहुंचने की संभावना रहेगी। बिल माफी जैसी योजना का लाभ भी उपभोक्ताओं को कनेक्शन पीपीपी से जुडने के बाद ही मिल सकता है।
वर्जन
अगस्त माह से पहले जिले के ग्रामीण क्षेत्र के सभी पेयजल कनेक्शनों को पीपीपी के साथ लिंक कर दिया जाएगा। पीपीपी के साथ पेयजल कनेक्शन लिंक होने के बाद उपभोक्ताओं को फायदा होगा। पेयजल संबंधित समस्याओं का निवारण करने में आसानी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के पास भी यह रिकार्ड हो जाएगा कि कोई उपभोक्ता दो कनेक्शन तो नहीं चला रहा।
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जिले के 80 प्रतिशत से ज्यादा गांवों में नहरी पानी पर आधारित पेयजल सप्लाई है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। ऐसे में अगर जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित किसी तरह की बिल माफी या दूसरी योजना आएगी तो उसका लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ जुड़ा होगा। अब तक विभाग ने एक लाख 87 हजार 90 कनेक्शनों में से 98 हजार 49 कनेक्शन परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिए हैं। शेष 89 हजार से अधिक कनेक्शन जोडने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने एक महीने का लक्ष्य रखा है। परिवार पहचान पत्र से कनेक्शन जुडने के बाद पेयजल के सभी कनेक्शन वैध हो जाएंगे। जिस घर तक पानी नहीं पहुंच रहा, इसकी जानकारी भी विभाग को उपलब्ध होगी, क्योंकि परिवार पहचान पत्र लिंक करते समय टीम यह भी निरीक्षण करेगी कि किस घर में पेयजल पहुंच रहा है और किस घर तक नहीं। एक घर में एक से अधिक कनेक्शन होने पर कनेक्शन को काटा जाएगा। इससे दूसरे घरों तक पानी पहुंचने की संभावना रहेगी। बिल माफी जैसी योजना का लाभ भी उपभोक्ताओं को कनेक्शन पीपीपी से जुडने के बाद ही मिल सकता है।
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वर्जन
अगस्त माह से पहले जिले के ग्रामीण क्षेत्र के सभी पेयजल कनेक्शनों को पीपीपी के साथ लिंक कर दिया जाएगा। पीपीपी के साथ पेयजल कनेक्शन लिंक होने के बाद उपभोक्ताओं को फायदा होगा। पेयजल संबंधित समस्याओं का निवारण करने में आसानी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग के पास भी यह रिकार्ड हो जाएगा कि कोई उपभोक्ता दो कनेक्शन तो नहीं चला रहा।
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