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Jind News: 10 से क्षतिपूर्ति पोर्टल बंद, फसल बर्बादी के सर्वे का 72 प्रतिशत काम पूरा
Tue, 11 Apr 2023 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 11 Apr 2023 11:51 PM IST
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जींद। मेरी फसल मेरा ब्योरा के क्षतिपूर्ति पोर्टल दस अप्रैल से बंद हो चुका है। इसलिए अब क्षतिपूर्ति पोर्टल पर बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल नुकसान से संबंधित शिकायत दर्ज नहीं हो पाएंगी। अब केवल जिन किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब फसलों बारे शिकायत दर्ज करवाई है। उन फसलों का सर्वे किया जाएगा। इसको लेकर पूरे प्रदेश में खराब फसलों की गिरदावरी का काम चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में गिरदावरी का 72 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिसमें सबसे ज्यादा सिरसा जिले में हुआ है, जो 99 प्रतिशत हो चुका है जबकि प्रदेश में सबसे कम यमुनानगर में मात्र पांच प्रतिशत ही गिरदावरी हुई है।
जिला
किसान
एकड़
प्रतिशत गिरदावरी
अंबाला
4940
30931
78 प्रतिशत
भिवानी
12396
78625
98 प्रतिशत
चरखी दादरी
23819
130880
74 प्रतिशत
फरीदाबाद
1060
9559
09 प्रतिशत
फतेहाबाद
1622
12492
75 प्रतिशत गुरुग्राम
10576
57347
48 प्रतिशत
हिसार
3591
27078
78 प्रतिशत
झज्जर
13148
88461
44 प्रतिशत
जींद
22309
170644
59 प्रतिशत
कैथल
23477
200278
98 प्रतिशत
करनाल
9736
87025
41 प्रतिशत
कुरुक्षेत्र
10121
78807
45 प्रतिशत
महेंद्रगढ़
47983
200926
76 प्रतिशत
मेवात
4031
30104
76 प्रतिशत
पलवल
9036
64869
42 प्रतिशत
पंचकूला
693
3336
17 प्रतिशत
पानीपत
4212
37498
74 प्रतिशत
रेवाड़ी
24502
108110
74 प्रतिशत
रोहतक
6917
57558
91 प्रतिशत
सिरसा
12264
96280
99 प्रतिशत
सोनीपत
19104
138454
78 प्रतिशत
यमुनानगर
1306
5487
05 प्रतिशत
बॉक्स
प्रदेश में 17 लाख 14 हजार एकड़ में हो चुकी गिरदावरी
पूरे प्रदेश में अब तक 17 लाख 14 हजार 759 एकड़ में फसल खराबे का सर्वे हो चुका है। प्रदेश में बेमौसमी बारिश से कुल 6187 गांवों के किसान प्रभावित हुए थे, जिससे दो लाख 63 हजार 939 किसानों ने फसल खराबे की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। किसानों की दर्ज करवाई गई शिकायतों के आंकड़ों अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा महेंद्रगढ़ जिला के 20 लाख 926 एकड़ में रबी की फसल खराब हुई है। उसके बाद कैथल जिला के 20 लाख 278 एकड़ में फसलों को नुकसान हुआ।
वर्जन
बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान की गिरदावरी का कार्य जिले में तेजी से चल रहा है। मंगलवार तक जिले में गिरदावरी का 59 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गिरदावरी का काम समय पर निपटाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सके।
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-- डॉ. मनोज कुमार, डीसी, जींद।
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जिला
किसान
एकड़
प्रतिशत गिरदावरी
अंबाला
4940
30931
78 प्रतिशत
भिवानी
12396
78625
98 प्रतिशत
चरखी दादरी
23819
130880
74 प्रतिशत
फरीदाबाद
1060
9559
09 प्रतिशत
फतेहाबाद
1622
12492
75 प्रतिशत गुरुग्राम
10576
57347
48 प्रतिशत
हिसार
3591
27078
78 प्रतिशत
झज्जर
13148
88461
44 प्रतिशत
जींद
22309
170644
59 प्रतिशत
कैथल
23477
200278
98 प्रतिशत
करनाल
9736
87025
41 प्रतिशत
कुरुक्षेत्र
10121
78807
45 प्रतिशत
महेंद्रगढ़
47983
200926
76 प्रतिशत
मेवात
4031
30104
76 प्रतिशत
पलवल
9036
64869
42 प्रतिशत
पंचकूला
693
3336
17 प्रतिशत
पानीपत
4212
37498
74 प्रतिशत
रेवाड़ी
24502
108110
74 प्रतिशत
रोहतक
6917
57558
91 प्रतिशत
सिरसा
12264
96280
99 प्रतिशत
सोनीपत
19104
138454
78 प्रतिशत
यमुनानगर
1306
5487
05 प्रतिशत
बॉक्स
प्रदेश में 17 लाख 14 हजार एकड़ में हो चुकी गिरदावरी
पूरे प्रदेश में अब तक 17 लाख 14 हजार 759 एकड़ में फसल खराबे का सर्वे हो चुका है। प्रदेश में बेमौसमी बारिश से कुल 6187 गांवों के किसान प्रभावित हुए थे, जिससे दो लाख 63 हजार 939 किसानों ने फसल खराबे की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। किसानों की दर्ज करवाई गई शिकायतों के आंकड़ों अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा महेंद्रगढ़ जिला के 20 लाख 926 एकड़ में रबी की फसल खराब हुई है। उसके बाद कैथल जिला के 20 लाख 278 एकड़ में फसलों को नुकसान हुआ।
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वर्जन
बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान की गिरदावरी का कार्य जिले में तेजी से चल रहा है। मंगलवार तक जिले में गिरदावरी का 59 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गिरदावरी का काम समय पर निपटाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सके।
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