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छटेंगे उदासीनता के बादल, विश्राम गृह का होगा सुंदरीकरण
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अंटा गांव के पास सिंचाई विभाग के विश्राम गृह का निरीक्षण करते डीसी डॉ मनोज कुमार। विज्ञप्ति
- फोटो : Jind
जींद। डीसी डा. मनोज कुमार सफीदों उपमंडल के अंटा गांव स्थित सिंचाई विभाग के विश्राम गृह पहुंचे और वहां पर विश्राम गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता राजेश कुमार को निर्देश दिए कि वह इस विश्राम गृह को अच्छी तरह से रख रखाव रखे ताकि इस हैरिटेज इमारत को सहेजकर रखा जा सके।
डीसी डा. मनोज कुमार ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी इमारत को अच्छी तरह से रंग-रोगन करवाएं और इसका प्रस्ताव बनाकर उनके पास भेजें ताकि उच्च अधिकारियों से इसकी स्वीकृति ली जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इस धरोहर को सहेजकर रखें ताकि ये सुंदर लगे और सरकार की संपति को नुकसान भी न हो। उन्होंने इसके आस पास की खाली पड़ी जमीन पर घास व फूलदार पौधे लगवाने व इसके साथ ही इसके किचन गार्डन भी लगवाने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि विश्राम गृह की परिधि की जमीन पर फैंसिंग करवाकर उसके अंदर ग्रीन हट भी बनवाएं और यहां पर विश्राम करने आने वाले के साथ आए लोगों के लिए भी व्यवस्था करें ताकि इस हैरिटेज इमारत को सहेजकर रखा जा सके। उपायुक्त ने लटक रही पेड़ों की टहनियों की छंटाई के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परिधि के अन्दर पेड़ों पर कृत्रिम घोंसले भी लगवाएं जाएं ताकि पक्षी भी यहां पर आएं रहे और इसको इस प्रकार सहेजा जाए ताकि इसके देखने व रुकने के लिए ज्यादा पर्यटक भी आ सके। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इस इमारत के सभी तीन कमरों का सही तरीके से प्रबंध करें और साफ-सफाई और भी अच्छे से करवाएं।
इस अवसर पर सफीदों के कार्यकारी अभियंता रघुबीर सिंह, एसडीओ राजेश छिल्लर, जेई राजेश कुमार, अलेवा के नायब तहसीलदार एवं जींद के तहसीलदार अजय कुमार उपस्थित थे।
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खुंगा कोठी का भी किया दौरा
डीसी डा. मनोज कुमार ने खुंगा कोठी को देखा और जवाहर नवोदय विद्यालय के अधिकारियों को इस हैरिटेज इमारत को सहेजकर रखने के लिए निर्देश दिए ताकि जिला में इतिहास की इन इमारतों को देखने के लिए पर्यटन को बढ़ाया जा सके। इसके बाद जींद के सिंचाई विभाग के विश्राम गृह का निरीक्षण भी किया। उन्होंने इसके निरीक्षण दौरान अधिकारियों को विश्राम गृह की जमीन की साफ-सफाई करवाने तथा इसके सही तरीके से सहेजकर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्राम गृह की इमारत के परिसर में पड़े पुराने सामान को कंडम करवाकर इसकी नीलामी करें। उन्होंने इसकी इमारत को मरम्मत करवाने के निर्देश भी दिए।
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डीसी डा. मनोज कुमार ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी इमारत को अच्छी तरह से रंग-रोगन करवाएं और इसका प्रस्ताव बनाकर उनके पास भेजें ताकि उच्च अधिकारियों से इसकी स्वीकृति ली जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि इस धरोहर को सहेजकर रखें ताकि ये सुंदर लगे और सरकार की संपति को नुकसान भी न हो। उन्होंने इसके आस पास की खाली पड़ी जमीन पर घास व फूलदार पौधे लगवाने व इसके साथ ही इसके किचन गार्डन भी लगवाने के लिये कहा। उन्होंने कहा कि विश्राम गृह की परिधि की जमीन पर फैंसिंग करवाकर उसके अंदर ग्रीन हट भी बनवाएं और यहां पर विश्राम करने आने वाले के साथ आए लोगों के लिए भी व्यवस्था करें ताकि इस हैरिटेज इमारत को सहेजकर रखा जा सके। उपायुक्त ने लटक रही पेड़ों की टहनियों की छंटाई के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परिधि के अन्दर पेड़ों पर कृत्रिम घोंसले भी लगवाएं जाएं ताकि पक्षी भी यहां पर आएं रहे और इसको इस प्रकार सहेजा जाए ताकि इसके देखने व रुकने के लिए ज्यादा पर्यटक भी आ सके। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इस इमारत के सभी तीन कमरों का सही तरीके से प्रबंध करें और साफ-सफाई और भी अच्छे से करवाएं।
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इस अवसर पर सफीदों के कार्यकारी अभियंता रघुबीर सिंह, एसडीओ राजेश छिल्लर, जेई राजेश कुमार, अलेवा के नायब तहसीलदार एवं जींद के तहसीलदार अजय कुमार उपस्थित थे।
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खुंगा कोठी का भी किया दौरा
डीसी डा. मनोज कुमार ने खुंगा कोठी को देखा और जवाहर नवोदय विद्यालय के अधिकारियों को इस हैरिटेज इमारत को सहेजकर रखने के लिए निर्देश दिए ताकि जिला में इतिहास की इन इमारतों को देखने के लिए पर्यटन को बढ़ाया जा सके। इसके बाद जींद के सिंचाई विभाग के विश्राम गृह का निरीक्षण भी किया। उन्होंने इसके निरीक्षण दौरान अधिकारियों को विश्राम गृह की जमीन की साफ-सफाई करवाने तथा इसके सही तरीके से सहेजकर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्राम गृह की इमारत के परिसर में पड़े पुराने सामान को कंडम करवाकर इसकी नीलामी करें। उन्होंने इसकी इमारत को मरम्मत करवाने के निर्देश भी दिए।