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Jind News: बच्चों पर पड़ी बदलते मौसम की मार, अस्पताल की ओपीडी हो गई 250 पार
Fri, 05 Apr 2024 10:17 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 05 Apr 2024 10:17 PM IST
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बहादुरगढ़। मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। कभी तापमान बढ़ रहा है तो कभी कम हो रहा है। यह बदलता मौसम लोगों को बीमार कर रहा है। बच्चे लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सामान्य अस्पताल में आए दिन बीमार बच्चों की संख्या बढ़ रही है।अस्पताल की ओपीडी 250 के पार पहुुंच गई है। दो-तीन दिनों से लगातार शहर के सरकारी अस्पताल में 50 से अधिक बच्चे उल्टी-दस्त की बीमारी के पहुंचे हैं।
अस्पताल की ओपीडी नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चों के अभिभावकों को संतुलित आहार देने की सलाह दी। साथ ही अभी ठंडी चीजों से परहेज करने के लिए कहा। फास्ट फूड खाने से बचने और ज्यादा पानी पीने तथा सब्जी और फल खाने की सलाह दे रहे हैं। नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण ने बताया कि बच्चों पर इस समय मौसम की मार पउ़ रही है। तापमान बढ़ने से वे फूड पॉइजनिंग से पीड़ित हो रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ बुखार आ रहा है। सलाह दी गई है कि इस समय बच्चों को संतुलित आहार दें। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में तीन-चार दिनों से बच्चों के फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं। इन दिनों छह माह से कम उम्र के बच्चे भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। अधिकतम में वजह बोतल में दूध पिलाना है। मौसम बार-बार बदलने कभी गर्मी तो कभी हल्की ठंड होने से समस्या पैदा हो रही है। बोतल साफ न होने से भी समस्या बढ़ रही है। बड़े बच्चों में बाजार की तली-भुनी चीजें खाने, फास्ट फूड खाने, साफ पानी न पीने आदि से बीमारियां बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही समस्या और भी बढ़ेगी। ऐसे में बच्चों के खान-पान का ध्यान जरूरी है।
इन बातों का जरूर रखें ध्यान
ओआरएस घोल पिलाएं। साफ पानी में घोलकर बार-बार पिलाते रहें।
-खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, फल दें। फलों में केला, सेब, अनार दें।
-छाछ, नारियल पानी, आम का पना दें सकते हैं। पानी ज्यादा पिलाएं। पानी स्वच्छ होना चाहिए।
-बाजार की तली-भुनी चीजें, बाजार के कटे हुए फल को नहीं खिलाएं। जंक फूड न खाने दें।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
-आंखों के नीचे गड्ढा हो जाना, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे की घंटी है। बच्चा यदि सुस्त हो और खाना-पीना छोड़ दे तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। अपने मन से एंटीबॉयोटिक नहीं दें।
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अस्पताल की ओपीडी नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्चों के अभिभावकों को संतुलित आहार देने की सलाह दी। साथ ही अभी ठंडी चीजों से परहेज करने के लिए कहा। फास्ट फूड खाने से बचने और ज्यादा पानी पीने तथा सब्जी और फल खाने की सलाह दे रहे हैं। नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण ने बताया कि बच्चों पर इस समय मौसम की मार पउ़ रही है। तापमान बढ़ने से वे फूड पॉइजनिंग से पीड़ित हो रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ बुखार आ रहा है। सलाह दी गई है कि इस समय बच्चों को संतुलित आहार दें। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में तीन-चार दिनों से बच्चों के फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं। इन दिनों छह माह से कम उम्र के बच्चे भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। अधिकतम में वजह बोतल में दूध पिलाना है। मौसम बार-बार बदलने कभी गर्मी तो कभी हल्की ठंड होने से समस्या पैदा हो रही है। बोतल साफ न होने से भी समस्या बढ़ रही है। बड़े बच्चों में बाजार की तली-भुनी चीजें खाने, फास्ट फूड खाने, साफ पानी न पीने आदि से बीमारियां बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही समस्या और भी बढ़ेगी। ऐसे में बच्चों के खान-पान का ध्यान जरूरी है।
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इन बातों का जरूर रखें ध्यान
ओआरएस घोल पिलाएं। साफ पानी में घोलकर बार-बार पिलाते रहें।
-खाने में दाल, चावल, रोटी, सब्जी, फल दें। फलों में केला, सेब, अनार दें।
-छाछ, नारियल पानी, आम का पना दें सकते हैं। पानी ज्यादा पिलाएं। पानी स्वच्छ होना चाहिए।
-बाजार की तली-भुनी चीजें, बाजार के कटे हुए फल को नहीं खिलाएं। जंक फूड न खाने दें।
ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
-आंखों के नीचे गड्ढा हो जाना, होंठ, तालू व मुंह सूखना, पेशाब कम या गाढ़ा आना, अधिक प्यास लगना, त्वचा सिकुड़ना खतरे की घंटी है। बच्चा यदि सुस्त हो और खाना-पीना छोड़ दे तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। अपने मन से एंटीबॉयोटिक नहीं दें।
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