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गेहूं की जली फसल का मुआयना करने पहुंचे भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अशोक तंवर

Sat, 16 Apr 2022 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2022 12:27 AM IST
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Chadhuni and Tanwar came to see the burnt crop
किसानों से बातचीत करते गुरनाम सिंह चढूनी। संवाद। - फोटो : Jind
जुलाना। दो दिन पहले गांव लजवाना कलां और अकालगढ़ में आग से जली गेहूं की फसल का मुआयना करने के लिए शुक्रवार को भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की तथा सरकार से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की। वहीं आप नेता अशोक तंवर भी मुआयना किया।
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चढूनी ने किसानों से बात करते हुए कहा सरकार को चाहिए कि आग की घटना को प्राकृतिक आपदा में शामिल करे और किसानों को तुरंत मुआवजा दे। किसानों के गेहूं के अलावा खेतों में लगे इंजन व सबमर्सिबल भी जल गए हैं। किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर सरकार किसानों को मुआवजा नहीं देगी तो भाकियू आंदोलन करेगी। इसमें अधिकारियों व सत्तापक्ष के नेताओं के बाहर धरना दिया जाएगा।
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इस मौके पर भाकियू के वरिष्ठ जिला उप प्रधान नरेंद्र लाठर, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र ढांडा, बसाऊ लाठर भी मौजूद रहे। वहीं आप नेता अशोक तंवर भी जली फसलों का जायजा लेने लजवाना कलां व अकालगढ़ में पहुंचे। उन्होंने किसानों को डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की। इस मौके पर आप के हलका अध्यक्ष विरेंद्र आर्य, रमेश ढिग़ाना, संग्राम सिंह वकील, जसवंत सिंधू, कुलबीर लाठर मौजूद रहे।
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अधिकारियों के साथ की बैठक
जींद। आग से जली गेहूं की फसलों का मुआवजा देने की मांग को लेकर जुलाना क्षेत्र के किसान शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में नगराधीश अमित कुमार और जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिया से मिले। किसान नेताओं ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान किसानों ने बैठक में अलेवा खंड में खरीफ फसलों की गलत तरीके से गिरदावरी कर 25 प्रतिशत से कम नुकसान दिखाने पर भी रोष जताया। किसानों ने कहा कि अधिकारियों ने साजिश के तहत किसानों के साथ भेदभाव किया है। चढूनी ने कहा कि जुलाना क्षेत्र में गेहूं की फसल के साथ-साथ खेतों में रखे इंजन भी जल गए हैं। किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। सरकार 15 हजार रुपये मुआवजा देती है, जो काफी कम है। वहीं अलेवा क्षेत्र में गुलाबी सुंडी से सभी किसानों की कपास की फसल बर्बाद हो गई थी। नगराधीश अमित कुमार ने आग लगने से जली फसलों के मुआवजे को लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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