फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   caption

शहीद कैप्टन पवन की श्रद्धाजंलि सभा चार को

Mon, 29 Feb 2016 11:52 PM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो Updated Mon, 29 Feb 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
caption
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर के पंपोर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए 10 पैरा रेजीमेंट के शहीद कैप्टन पवन कुमार की श्रद्धाजंलि सभा चार मार्च को होगी। राजकीय पीजी कॉलेज के मैदान में होने वाली रस्म में सेना के कई अधिकारी और राजनीतिक हस्तियां शामिल होने की उम्मीद है।
सोमवार को शहीद कैप्टन के पिता राजबीर सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा श्रद्धाजंलि सभा के लिए राजकीय पीजी कॉलेज का मैदान तय किया गया है। उन्होंने कहा कि पवन कुमार शहीद होने से पहले उनका बेटा था, लेकिन आज देश का बेटा है। ऐसे में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। रस्म तेरहवीं में भी सेना के कई अधिकारी शामिल होंगे।
विज्ञापन


साथी का नंबर काटकर शहीद हो गया पवन
पवन के पिता ने बताया कि जिस समय आतंकवादियों से ऑपरेशन चल रहा था, पवन का एक अन्य साथी आगे था। कार्रवाई लिए जैसे ही मकान के अंदर घुसने लगे, उसके आगे वाले साथी के हथियार ने काम नहीं किया। ऐसे में पवन कुमार ने अपने साथी को पीछे धक्का देते हुए खुद आगे कदम बढ़ा दिए और आतंकवादियों की गोली उन्हें लग गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


देश में कहीं भी देश विरोधी नारे लगना गलत  
जेएनयू के सवाल पर शहीद पवन के पिता ने कहा कि जिस देश का हम अन्न खाते हैं उनके खिलाफ नारे नहीं लगने चाहिए। आतंकवादियों से लोहा लेने वाले बहादुर सैनिकों को कश्मीर की जनता का समर्थन नहीं मिलता। इसके चलते ही 20 जनवरी को हुई पत्थरबाजी में पवन का दांत भी टूट गया था। इसके बाद अधिकारियों ने उसे छुट्टी जाने के लिए भी कहा, लेकिन पवन घर नहीं आए और देश सेवा में लगे रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed