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Jind News: खाटू श्याम के लिए सवा दो साल से बंद पड़ी बस सेवा
Wed, 23 Apr 2025 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 23 Apr 2025 01:27 AM IST
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22जेएनडी11-बस स्टैंड परिसर में बूथ पर खड़ी बस। संवाद
जींद। बाबा खाटूश्याम जाने वाली जींद डिपो की बस लगभग सवा दो साल से बंद है। बस चलाने के लिए जरूरी स्थाई रूट परमिट की जरूरत होती है, लेकिन दोनों प्रदेश के बीच समझौता नहीं हो पाने के कारण परमिट नहीं जारी हो सका है। यात्री बार-बार डिपो प्रशासन के सामने बाबा खाटूश्याम रूट पर बस चलाने की मांग कर चुके हैं।
रोडवेज जींद डिपो ने अगस्त 2022 में तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक कौशिक और विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने हरी झंडी दिखाकर खाटूश्याम धाम के लिए बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उस समय विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने तत्कालीन परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा से आग्रह कर खाटू श्याम के लिए बस चलाने की मांग की थी। तब अस्थाई परमिट पर यह बस शुरू की गई थी। इसमें जींद से काफी यात्री बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए जाते थे।
रोडवेज डिपो को अच्छी आमदनी भी हो रही थी, लेकिन वर्ष 2023 की शुरुआत में स्थाई परमिट नहीं मिलने के चलते रोडवेज डिपो ने खाटूश्याम जाने वाली रोडवेज को बंद कर दिया था। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार खाटू श्याम को भगवान श्री कृष्ण के कलयुगी अवतार के रूप में जाना जाता है।
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राजस्थान के सीकर जिले में इनका भव्य मंदिर स्थित जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लोगों का विश्वास है कि बाबा श्याम सभी की मन्नत पूरी करते हैं।
बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। वह पांडू पुत्र भीम के पौत्र थे। खाटू श्याम की अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित होकर श्रीकृष्ण ने इन्हें कलयुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान दिया।
प्रत्येक वर्ष होली के दौरान खाटू श्यामजी का मेला लगता है। इस मेले में दूर-दूर से भक्तजन बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर के प्रति भक्तों में गहरी आस्था है। अब दोबारा से इस रूट पर सेवा चलाई जाए तो यात्रियों को राहत मिल सकती है।
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रोडवेज जींद डिपो ने अगस्त 2022 में तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक कौशिक और विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने हरी झंडी दिखाकर खाटूश्याम धाम के लिए बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उस समय विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने तत्कालीन परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा से आग्रह कर खाटू श्याम के लिए बस चलाने की मांग की थी। तब अस्थाई परमिट पर यह बस शुरू की गई थी। इसमें जींद से काफी यात्री बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए जाते थे।
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रोडवेज डिपो को अच्छी आमदनी भी हो रही थी, लेकिन वर्ष 2023 की शुरुआत में स्थाई परमिट नहीं मिलने के चलते रोडवेज डिपो ने खाटूश्याम जाने वाली रोडवेज को बंद कर दिया था। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार खाटू श्याम को भगवान श्री कृष्ण के कलयुगी अवतार के रूप में जाना जाता है।
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राजस्थान के सीकर जिले में इनका भव्य मंदिर स्थित जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लोगों का विश्वास है कि बाबा श्याम सभी की मन्नत पूरी करते हैं।
बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। वह पांडू पुत्र भीम के पौत्र थे। खाटू श्याम की अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित होकर श्रीकृष्ण ने इन्हें कलयुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान दिया।
प्रत्येक वर्ष होली के दौरान खाटू श्यामजी का मेला लगता है। इस मेले में दूर-दूर से भक्तजन बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर के प्रति भक्तों में गहरी आस्था है। अब दोबारा से इस रूट पर सेवा चलाई जाए तो यात्रियों को राहत मिल सकती है।