{"_id":"61f587c3e68e7953ed79559d","slug":"broken-toy-rod-of-roadways-bus-accident-averted-jind-news-rtk6369655168","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज बस की टूटी टॉय रॉड, टला हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज बस की टूटी टॉय रॉड, टला हादसा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। जींद से पानीपत की ओर जा रही रोडवेज बस की राजकीय पीजी कॉलेज के पास टाय रॉड टूट गई। गनीमत रही की बस की गति कम थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बस में 30 से ज्यादा सवारियां मौजूद थीं।
बस के परिचालक ने बताया कि अगर बस की स्पीड ज्यादा होती और साइड से दूसरा कोई वाहन गुजर रहा तो तो बड़ा हादसा हो सकता था। बस की जांच की गई तो पाया गया कि टाय रॉड टूटी थी। वह पहले ही घिस चुकी थी, जिस पर कट का निशान भी पड़ा हुआ था। चालक का कहना था कि इससे पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ था। वहीं यात्रियों का कहना था कि परिवहन विभाग द्वारा रोडवेज की कंडम घोषित हुई बसों की वैधता 10 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी है। हालांकि परिवहन विभाग ने इन बसों की अच्छी तरह से जांच करने के बाद रूटों पर उतारने के लिए कहा गया है। वर्कशॉप मैनेजर लक्की गुप्ता ने कहा कि बसों की जांच के बाद ही रूटों पर उतारा जाता है। शनिवार को सफीदों सब डिपो की जिस बस की टाय रॉड टूटी थी, इससे पहले कभी भी इस तरह की दिक्कत नहीं आई थी। बस से संबंधित जॉब कार्ड को देखा गया तो बस बिल्कुल सही थी। अगर टाय रॉड में पहले से ही कट का निशान था तो इस मामले में जांच की जाएगी।
विज्ञापन
बस के परिचालक ने बताया कि अगर बस की स्पीड ज्यादा होती और साइड से दूसरा कोई वाहन गुजर रहा तो तो बड़ा हादसा हो सकता था। बस की जांच की गई तो पाया गया कि टाय रॉड टूटी थी। वह पहले ही घिस चुकी थी, जिस पर कट का निशान भी पड़ा हुआ था। चालक का कहना था कि इससे पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ था। वहीं यात्रियों का कहना था कि परिवहन विभाग द्वारा रोडवेज की कंडम घोषित हुई बसों की वैधता 10 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी है। हालांकि परिवहन विभाग ने इन बसों की अच्छी तरह से जांच करने के बाद रूटों पर उतारने के लिए कहा गया है। वर्कशॉप मैनेजर लक्की गुप्ता ने कहा कि बसों की जांच के बाद ही रूटों पर उतारा जाता है। शनिवार को सफीदों सब डिपो की जिस बस की टाय रॉड टूटी थी, इससे पहले कभी भी इस तरह की दिक्कत नहीं आई थी। बस से संबंधित जॉब कार्ड को देखा गया तो बस बिल्कुल सही थी। अगर टाय रॉड में पहले से ही कट का निशान था तो इस मामले में जांच की जाएगी।
विज्ञापन