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Jind News: सात जुलाई को लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन करेगी भीम आर्मी
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जींद। भीम आर्मी भारत एकता मिशन की तरफ से सात जुलाई को लघु सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कमल कुमार बराड़ा शामिल होंगे।
गांव छात्तर में अनुसूचित समाज के लोग बिजली, पानी व अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर 62 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वहीं 11 दिनों से भूख हड़ताल चल रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।
आरोप है कि गांव में सामाजिक तनाव और भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास करने वाले कुछ लोगों के विरुद्ध भी प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे पीड़ित परिवारों में असुरक्षा और प्रशासन के प्रति निराशा का माहौल है।
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छात्तर निवासी सुशील का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करे, उसके विरुद्ध निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अनुसूचित समाज के परिवार आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
उनका कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से स्वीकृत कार्य पिछले चार सालों से किया गया है, लेकिन धरातल पर आज तक शून्य है और जो विरोध कर रहे हैं उनके खिलाफ कोई शिकायत दी जाती है तो कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
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गांव छात्तर में अनुसूचित समाज के लोग बिजली, पानी व अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर 62 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वहीं 11 दिनों से भूख हड़ताल चल रही है। इसके बावजूद जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।
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आरोप है कि गांव में सामाजिक तनाव और भाईचारा बिगाड़ने का प्रयास करने वाले कुछ लोगों के विरुद्ध भी प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे पीड़ित परिवारों में असुरक्षा और प्रशासन के प्रति निराशा का माहौल है।
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छात्तर निवासी सुशील का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करे, उसके विरुद्ध निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अनुसूचित समाज के परिवार आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
उनका कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से स्वीकृत कार्य पिछले चार सालों से किया गया है, लेकिन धरातल पर आज तक शून्य है और जो विरोध कर रहे हैं उनके खिलाफ कोई शिकायत दी जाती है तो कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।