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बीरेंद्र ने बदले समीकरण, पुराने भाजपाई सकते में
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Thu, 28 Aug 2014 02:27 PM IST
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बीरेंद्र सिंह द्वारा भाजपा में शामिल होने के कयासों से पुराने भाजपाई सकते में हैं। हालांकि टिकट वितरण से पहले कोई भी मुंह खोलने का तैयार नहीं है, लेकिन अंदर खाते कई पुराने भाजपाई इसे पचा भी नहीं पा रहे हैं।
माना जा रहा है कि बीरेंद्र सिंह बेशक बिना शर्त भाजपा का समर्थन करने को तैयार हैं, लेकिन जींद की पांचों विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों को टिकट दिलवाने के लिए जोर लगाएंगे। ऐसे में पुराने भाजपाई, जो टिकटार्थी हैं, उनकी नींद उड़ गई है। अब ये लोग केंद्रीय स्तर पर अपनी गोटियां फिट करने में लगे हुए हैं।
जिले में मजबूत नहीं रही भाजपा
बेशक मोदी लहर पर सवार होकर भाजपा विधानसभा चुनाव की वैतरणी पार लगाने की योजना बना रही है, लेकिन पार्टी की स्थिति यहां अच्छी नहीं रही। नरवाना विधानसभा क्षेत्र में सुरजेवाला परिवार का दबदबा रहा है। यहां शमशेर सिंह सुरजेवाला पहले विधानसभा चुनाव में आरपीआई से विजयी हुई थे।
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इसके बाद कांग्रेस सात बार तथा लोकदल तीन बार विजयी हुई है। उचाना बीरेंद्र सिंह का गढ़ माना जाता है। यहां कांग्रेस पांच व लोकदल तीन बार विजयी हुई है। राजौंद विधानसभा क्षेत्र नए परिसीमन के बाद समाप्त हो चुका है, लेकिन यहां से भी कांग्रेस छह व लोकदल दो बार जीती है।
जींद विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस का प्रभाव रहा है। यहां कांग्रेस अब तक छह बार व लोकदल तीन बाद जीता है। जुलाना में कांग्र्रेस ने चार बार व लोकदल ने दो बार विजय प्राप्त की। वहीं सफीदों विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने चार बार तथा इनेलो दो बार विजय प्राप्त कर चुकी है।
यूं बदले हैं समीकरण
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह ने हालांकि आधिकारिक रूप से भाजपा ज्वाइन नहीं की है, लेकिन उन्होंने संकेत साफ दे दिए हैं। वहीं इस बार भाजपा की हवा के चलते कई भाजपा नेता पहले से ही टिकट के आश लगाए बैठे थे, अब उनको चिंता सताने लगी है।
जींद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. ओपी पहल, भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्रीनिवास वर्मा, पार्टी के वरिष्ठ नेता लीलाधर मित्तल, पिछले चुनाव मे उचाना से पार्टी के उम्मीदवार रहे बलकार डाहौला व युवा नेता जितेंद्र चहल टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं बीरेंद्र सिंह के साथियों में पूर्व मंत्री बृजमोहन सिंगला, एडवोकेट जयभगवान गोयल व जगत सिंह रेढू भी ताल ठोंक रहे हैं।
इसी प्रकार जुलाना में भी पुराने भाजपाई और बीरेंद्र सिंह के साथी टिकट की दौड़ में हैं। सफीदों में भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा, राजबीर शर्मा वभाजपा किसान मोर्चा के नेता राजू मोर जी-जान लगा रहे हैं। अब नए सीकरणों में बीरेंद्र सिंह के साथी विनोद सिंगला भी मैदान में आ गए हैं।
उचाना में भाजपा के महामंत्री रिछपाल शर्मा व ओमप्रकाश थुआ टिकट की लाइन में थे, लेकिन बीरेंद्र सिंह की पत्नी द्वारा पार्टी की सदस्यता लेने के बाद समीकरण बदल चुके हैं। रिछपाल शर्मा तो कुछ दिन पहले बीरेंद्र सिंह का पार्टी में आने पर विरोध भी जता चुके हैं।
नरवाना विधानसभा सीट पर भाजपा नेता जोरा सिंह बडनपुर व भगवती बागड़ी मैदान में हैं, लेकिन बीरेंद्र सिंह के साथ संतोष दनौदा और राममेहर दनौदा के नाम भी जुड़ गए हैं। जुलाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के जितेंद्र लाठर, डॉ. संजय व राममेहर राठी मैदान में है, जबकि बीरेंद्र सिंह के साथ राममेहर मलिक, राजेश मलिक व संजीव बुआना भी ताल ठोंक रहे हैं।
दावेदारी पक्की, वोट पार्टी को
भाजपा के महामंत्री और उचाना से टिकट के दावेदार रिछपाल शर्मा के अनुसार उचाना कलां विधानसभा सीट पर उनकी दावेदारी पक्की है, लेकिन वोट पार्टी के साथ रहेगा। पार्टी के चुनाव चिन्ह पर किसी को भी टिकट मिले, उनका पूरा साथ दिया जाएगा।
पार्टी की मजबूती प्राथमिकता
पार्टी ने फैसला कर लिया है मजबूत उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा, चाहे वह बीरेंद्र सिंह के साथ आए हों या पहले से भाजपा के सिपाही रहे हों। हमें अपने परिवार को बड़ा करना है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में कोई असमंजस नहीं है।
डॉ. ओपी पहल, जिलाध्यक्ष भाजपा
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माना जा रहा है कि बीरेंद्र सिंह बेशक बिना शर्त भाजपा का समर्थन करने को तैयार हैं, लेकिन जींद की पांचों विधानसभा सीटों पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों को टिकट दिलवाने के लिए जोर लगाएंगे। ऐसे में पुराने भाजपाई, जो टिकटार्थी हैं, उनकी नींद उड़ गई है। अब ये लोग केंद्रीय स्तर पर अपनी गोटियां फिट करने में लगे हुए हैं।
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जिले में मजबूत नहीं रही भाजपा
बेशक मोदी लहर पर सवार होकर भाजपा विधानसभा चुनाव की वैतरणी पार लगाने की योजना बना रही है, लेकिन पार्टी की स्थिति यहां अच्छी नहीं रही। नरवाना विधानसभा क्षेत्र में सुरजेवाला परिवार का दबदबा रहा है। यहां शमशेर सिंह सुरजेवाला पहले विधानसभा चुनाव में आरपीआई से विजयी हुई थे।
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इसके बाद कांग्रेस सात बार तथा लोकदल तीन बार विजयी हुई है। उचाना बीरेंद्र सिंह का गढ़ माना जाता है। यहां कांग्रेस पांच व लोकदल तीन बार विजयी हुई है। राजौंद विधानसभा क्षेत्र नए परिसीमन के बाद समाप्त हो चुका है, लेकिन यहां से भी कांग्रेस छह व लोकदल दो बार जीती है।
जींद विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस का प्रभाव रहा है। यहां कांग्रेस अब तक छह बार व लोकदल तीन बाद जीता है। जुलाना में कांग्र्रेस ने चार बार व लोकदल ने दो बार विजय प्राप्त की। वहीं सफीदों विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने चार बार तथा इनेलो दो बार विजय प्राप्त कर चुकी है।
यूं बदले हैं समीकरण
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह ने हालांकि आधिकारिक रूप से भाजपा ज्वाइन नहीं की है, लेकिन उन्होंने संकेत साफ दे दिए हैं। वहीं इस बार भाजपा की हवा के चलते कई भाजपा नेता पहले से ही टिकट के आश लगाए बैठे थे, अब उनको चिंता सताने लगी है।
जींद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. ओपी पहल, भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्रीनिवास वर्मा, पार्टी के वरिष्ठ नेता लीलाधर मित्तल, पिछले चुनाव मे उचाना से पार्टी के उम्मीदवार रहे बलकार डाहौला व युवा नेता जितेंद्र चहल टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं बीरेंद्र सिंह के साथियों में पूर्व मंत्री बृजमोहन सिंगला, एडवोकेट जयभगवान गोयल व जगत सिंह रेढू भी ताल ठोंक रहे हैं।
इसी प्रकार जुलाना में भी पुराने भाजपाई और बीरेंद्र सिंह के साथी टिकट की दौड़ में हैं। सफीदों में भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बहन वंदना शर्मा, राजबीर शर्मा वभाजपा किसान मोर्चा के नेता राजू मोर जी-जान लगा रहे हैं। अब नए सीकरणों में बीरेंद्र सिंह के साथी विनोद सिंगला भी मैदान में आ गए हैं।
उचाना में भाजपा के महामंत्री रिछपाल शर्मा व ओमप्रकाश थुआ टिकट की लाइन में थे, लेकिन बीरेंद्र सिंह की पत्नी द्वारा पार्टी की सदस्यता लेने के बाद समीकरण बदल चुके हैं। रिछपाल शर्मा तो कुछ दिन पहले बीरेंद्र सिंह का पार्टी में आने पर विरोध भी जता चुके हैं।
नरवाना विधानसभा सीट पर भाजपा नेता जोरा सिंह बडनपुर व भगवती बागड़ी मैदान में हैं, लेकिन बीरेंद्र सिंह के साथ संतोष दनौदा और राममेहर दनौदा के नाम भी जुड़ गए हैं। जुलाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के जितेंद्र लाठर, डॉ. संजय व राममेहर राठी मैदान में है, जबकि बीरेंद्र सिंह के साथ राममेहर मलिक, राजेश मलिक व संजीव बुआना भी ताल ठोंक रहे हैं।
दावेदारी पक्की, वोट पार्टी को
भाजपा के महामंत्री और उचाना से टिकट के दावेदार रिछपाल शर्मा के अनुसार उचाना कलां विधानसभा सीट पर उनकी दावेदारी पक्की है, लेकिन वोट पार्टी के साथ रहेगा। पार्टी के चुनाव चिन्ह पर किसी को भी टिकट मिले, उनका पूरा साथ दिया जाएगा।
पार्टी की मजबूती प्राथमिकता
पार्टी ने फैसला कर लिया है मजबूत उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा, चाहे वह बीरेंद्र सिंह के साथ आए हों या पहले से भाजपा के सिपाही रहे हों। हमें अपने परिवार को बड़ा करना है। इसको लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में कोई असमंजस नहीं है।
डॉ. ओपी पहल, जिलाध्यक्ष भाजपा