कृषि कानूनों को लेकर यहां डुमाण पाना वाली चौपाल में बारहा की पंचायत हुई। इसमें फैसला लिया गया कि 12 गांवों से 100 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रालियों में किसान दिल्ली जाएंगे। इसके अलावा पंजाब के किसानों के लिए खाद्य सामग्री भी पहुंचाई जाएगी। इसके लिए चंदा इकट्ठा किया जा रहा है।
खाप प्रधान राजमल जेई ने कहा कि पंचायत ने फैसला लिया है कि पंजाब के किसानों का साथ अब हरियाणा के किसान भी देंगे। चंदा जमा कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में खाद्य सामग्री भेजी जाएगी। इसके अलावा 12 गांवों के किसान 100 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर दिल्ली कूच करेंगे। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वह वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मजदूर बनाने पर तुली है। यह तीनों कानून किसानों के खिलाफ हैं। सरकार को चौथा एमएसपी का भी कानून बनाना चाहिए। राममल जेई ने कहा कि तीनों कानून किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। कार्यकारी प्रधान बसाऊ लाठर ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की बाध्यता का न होना, खरीदार से विवाद होने की स्थिति में किसानों को न्यायालय में जाने का प्रावधान न दिया जाना, कंपनियों को आवश्यक वस्तुओं के भंडारण की छूट दिया जाना आदि ऐसे फैसले हैं, जो पूंजीपतियों के हक में हैं। पंचायत महेंद्र लाठर, रोहताश, राजेंद्र, राजपाल, भूप, राममेहर, रणधीर तथा महेंद्र ने भी संबोधित किया।