{"_id":"df85dfabae6ee6d981e747bd895ba68c","slug":"badra-lashed-was-stalled-sewerage-system-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमकर बरसे बदरा, ठप हुई सीवरेज व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमकर बरसे बदरा, ठप हुई सीवरेज व्यवस्था
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Sat, 06 Sep 2014 12:14 AM IST
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जिले में शुक्रवार को भी बदरा जमकर बरसे। पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि पिछले चार दिनों से हो रही बारिश से शह की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं बारिश ने शहर की सीवरेज व्यवस्था की भी पोल खोल कर रख दी है।
बारिश के कारण किसानों के चेहरों खिल उठे हैं। बारिश से धान, गन्ने, ज्वार, मक्के की फसलों को काफी फायदा होगा। ज्यादा बारिश के कारण कपास की फसल को थोड़ा नुकसान होने की संभावना बनी है।
इस बार सावन सूखा बीतने के बाद भादव में इंद्र देव किसानों पर काफी मेहरबान नजर आ रहे हैं। पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। ऐसा लगता है मानो मानसून लौट आया हो।
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लोगों को गर्मी से निजात मिली है और लोगों ने अब राहत की सांस ली है। बारिश के कारण कहीं राहत मिली है तो कहीं लोगाें के लिए यह बारिश आफत भी बनकर आई है। सबसे ज्यादा परेशानी शहर के लोगों को हो रही है। शहर की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से जवाब दे गई है। सीवरेज व्यवस्था ठप होने के कारण शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। शुक्रवार को भी पूरा दिन रुक रुककर बारिश होती रही। बाइक सवार तथा पैदल राहगीर बारिश में भीगते नजर आए। बारिश के कारण पूरा दिन मौसम सुहावना रहा।
जुलाना में हुई सबसे ज्यादा बारिश
ब्लॉक का नाम बारिश
जींद 10 एमएम
नरवाना 2 एमएम
उचाना 13 एमएम
पिल्लूखेड़ा 7 एमएम
सफीदों 10 एमएम
जुलाना 20 एमएम
बारिश से लगा जाम, स्कूली बच्चों को परेशानी
नरवाना। शुक्रवार को नरवाना क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण गर्मी से निजात मिली वहीं स्कूल में जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी हुई। बारिश के कारण अपोलो चौक पर घंटों जाम लगा रहा।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। शुक्रवार को सुबह की क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। रुक रुककर बारिश होती रही। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। धरोदी गांव के किसान रामफल नैन ने बताया कि इस जोरदार बारिश के कारण कपास की फसल में नुकसान होने की आशंका बन गई है, जबकि बाजरे में इसका फायदा भी होगा।
उचाना में बनी जलभराव की स्थिति
उचाना। बीते कई दिनों से हो रही बरसात शुक्रवार को भी पूरे दिन रुक रुककर शाम तक होती रही। बरसात अब कपास की फसल के लिए नुकसान दायक साबित होने लगी है। बरसात के बाद पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़कों, गलियों में पूरे दिन पानी भरा रहा।
डाकघर रोड पर पानी भरने के चलते दुकानदार शाम होने से पहले ही अपनी-अपनी दुकानों को बंद करके घर चले गए क्योंकि दुकानों के अंदर बरसात का पानी भरने लगा, बाजार में पानी होने के चलते ग्राहक भी दुकानों तक नहीं आ पा रहे थे। पुरानी मंडी रोड पर तो दुकानदारों द्वारा मंडी का गेट बंद करना पड़ क्योंकि यहां बरसात के पानी की निकासी के लिए बनाई गई ड्रेन के बाद गड्ढों में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं दे पा रहे थे। यहां से आने-जाने वाले वाहन चालक किसी हादसे का शिकार हो सकते थे। इसके लिए यहां विस्तार मंडी की तरफ से गेट को बंद किया गया।
किसान राजेश, अजीत, अनूप ने बताया कि इन दिनों अब बरसात के साथ जो हवा चल रही है वो कपास की फसल के नुकसान दायक है। खेतों में फसल बिछोने की तरह बिछने लगी है। कपास के पौधे के अब टिंड्डे लग चुके हैं जो पक्क रहा है। बरसात के चलते पौधे से टिंड्डों का रंग काला होने लगा है, जिससे फसल का उत्पादन प्रभावित होगा।
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बारिश के कारण किसानों के चेहरों खिल उठे हैं। बारिश से धान, गन्ने, ज्वार, मक्के की फसलों को काफी फायदा होगा। ज्यादा बारिश के कारण कपास की फसल को थोड़ा नुकसान होने की संभावना बनी है।
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इस बार सावन सूखा बीतने के बाद भादव में इंद्र देव किसानों पर काफी मेहरबान नजर आ रहे हैं। पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। ऐसा लगता है मानो मानसून लौट आया हो।
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लोगों को गर्मी से निजात मिली है और लोगों ने अब राहत की सांस ली है। बारिश के कारण कहीं राहत मिली है तो कहीं लोगाें के लिए यह बारिश आफत भी बनकर आई है। सबसे ज्यादा परेशानी शहर के लोगों को हो रही है। शहर की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से जवाब दे गई है। सीवरेज व्यवस्था ठप होने के कारण शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। शुक्रवार को भी पूरा दिन रुक रुककर बारिश होती रही। बाइक सवार तथा पैदल राहगीर बारिश में भीगते नजर आए। बारिश के कारण पूरा दिन मौसम सुहावना रहा।
जुलाना में हुई सबसे ज्यादा बारिश
ब्लॉक का नाम बारिश
जींद 10 एमएम
नरवाना 2 एमएम
उचाना 13 एमएम
पिल्लूखेड़ा 7 एमएम
सफीदों 10 एमएम
जुलाना 20 एमएम
बारिश से लगा जाम, स्कूली बच्चों को परेशानी
नरवाना। शुक्रवार को नरवाना क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। बारिश के कारण गर्मी से निजात मिली वहीं स्कूल में जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी हुई। बारिश के कारण अपोलो चौक पर घंटों जाम लगा रहा।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। शुक्रवार को सुबह की क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। रुक रुककर बारिश होती रही। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। धरोदी गांव के किसान रामफल नैन ने बताया कि इस जोरदार बारिश के कारण कपास की फसल में नुकसान होने की आशंका बन गई है, जबकि बाजरे में इसका फायदा भी होगा।
उचाना में बनी जलभराव की स्थिति
उचाना। बीते कई दिनों से हो रही बरसात शुक्रवार को भी पूरे दिन रुक रुककर शाम तक होती रही। बरसात अब कपास की फसल के लिए नुकसान दायक साबित होने लगी है। बरसात के बाद पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़कों, गलियों में पूरे दिन पानी भरा रहा।
डाकघर रोड पर पानी भरने के चलते दुकानदार शाम होने से पहले ही अपनी-अपनी दुकानों को बंद करके घर चले गए क्योंकि दुकानों के अंदर बरसात का पानी भरने लगा, बाजार में पानी होने के चलते ग्राहक भी दुकानों तक नहीं आ पा रहे थे। पुरानी मंडी रोड पर तो दुकानदारों द्वारा मंडी का गेट बंद करना पड़ क्योंकि यहां बरसात के पानी की निकासी के लिए बनाई गई ड्रेन के बाद गड्ढों में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं दे पा रहे थे। यहां से आने-जाने वाले वाहन चालक किसी हादसे का शिकार हो सकते थे। इसके लिए यहां विस्तार मंडी की तरफ से गेट को बंद किया गया।
किसान राजेश, अजीत, अनूप ने बताया कि इन दिनों अब बरसात के साथ जो हवा चल रही है वो कपास की फसल के नुकसान दायक है। खेतों में फसल बिछोने की तरह बिछने लगी है। कपास के पौधे के अब टिंड्डे लग चुके हैं जो पक्क रहा है। बरसात के चलते पौधे से टिंड्डों का रंग काला होने लगा है, जिससे फसल का उत्पादन प्रभावित होगा।