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Vinesh Phogat: बाहर के खाने से परहेज, दूध-दही से फौलाद बनीं विनेश, अपने हाथों से खुराक तैयार करती हैं सास

Sun, 07 Aug 2022 09:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 07 Aug 2022 09:57 PM IST
सार

राष्ट्रमंडल खेल 2022 के कुश्ती में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली विनेश फोगाट के लिए उनकी सास सरोज देवी अपने हाथों से खुराक तैयार करती हैं। रविवार को आलू के परांठे बाकी दिन चूरमा व अन्य खाने में रहता है। 

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Avoiding outside food, Vinesh Phogat became stronger with milk and curd
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद विनेश फोगाट के घट बांटे जा रहे लड्डू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल 2022 के कुश्ती में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली हरियाणा के जींद जिले के जुलाना के गांव बख्ता खेड़ा की बहू विनेश फोगाट के लिए खुराक हर दिन अलग-अलग होती है। उसके लिए हर रविवार आलू के परोंठे बनते हैं, जो कि उसे पसंद भी है। वहीं उसके बाद सोमवार से शनिवार तक उसे दूध-दही, चूरमा, खीर, दाल, हरी सब्जी, पूड़े और मालपुए खिलाए जाते हैं। यह सब खाना विनेश फोगाट की सास मां सरोज देवी खुद अपने हाथों से तैयार करती है। 

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विनेश को बाहर का खाना पसंद नहीं है, वह खाना घर से ही लेकर जाती है।  कुश्ती के 53 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली विनेश फोगाट की खुराक का राज बिल्कुल शुद्ध हरियाणवी है। वह घर में बनी खीर, चूरमा, आलू के पराठे, दाल, सब्जी-रोटी ही लेती है।
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सुबह और शाम को चार से पांच किलोग्राम तक दूध पी जाती है। रविवार को आलू के पराठे के बाद सोमवार को दिन में या शाम को चूरमा दिया जाता है। मंगलवार को दिन में पूड़े या मालपुए बनाए जाते हैं। शाम को खीर बनाई जाती है। विनेश को प्रतिदिन दाल और हरी सब्जी जरूर दी जाती है। दोपहर को दही और मक्खन दिया जाता है। 
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पिज्जा खाने पर हो गई थीं बीमार
विनेश फोगाट को बाहर का खाना बिल्कुल भी पसंद नहीं है। यदि वह कभी खा भी ले तो बीमार पड़ जाती है। वह चाउमीन, पिज्जा, बर्गर कभी नहीं खाती। पिछले दिनों उसने उसने पिज्जा खा लिया था। इसके लिए उसको अस्पताल में एडमिट करवाना पड़ा था। कुश्ती को लेकर उसका जहां भी शिविर लगता है उसकी सास सरोज देवी उसके लिए बादाम, अखरोट, काजू जरूर भेजती है। 

Avoiding outside food, Vinesh Phogat became stronger with milk and curd
विनेश फोगाट - फोटो : twitter

खुराक में कोई दिक्कत नहीं आए, पति को भेजा
विनेश फोगाट का कुश्ती की ट्रेनिंग को लेकर लखनऊ में जुलाई में शिविर लगा था। विनेश के साथ उसके पति सोमवीर राठी भी साथ गए थे। सोमवीर केवल विनेश के खान-पान का ही ध्यान रखते थे। वह विनेश को सुबह-दोपहर और शाम को सारिणी अनुसार खाना देते थे, ताकि विनेश के खान-पान में कोई कमी नहीं रह जाए। विनेश दो जुलाई को घर से गई थी। उसके बाद एक-दो बार ही घर आई। बस रात-रात रूक कर वापस चली गई। अब दो अगस्त को बर्मिंघम में हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2022 में हिस्सा लेने के लिए चली गई थी। 

10-12 साल से कर रही थी मेहनत, अब मिला पुरस्कार
विनेश फोगाट की सास सरोज देवी का कहना है कि उनकी बहू को आलू के परांठे बहुत पसंद है। वह हर रविवार उसके लिए आलू के पराठे बनाती है। इसके अलावा अन्य दिनों में उसे खीर, चूरमा, दाल, हरी सब्जी, पूड़े और माल पूये खिलाए जाते हैं। वह मेहनत कर रही है। न कभी उन्होंने धूप देखी और न ही कभी रात। उसका सपना था कि इस बार फिर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लाए। उसका सपना पूरा हो गया है। विनेश की काबिलियत पर उन्हें गर्व है। 

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