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जींदः दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थल के अंदर हनुमान चालीसा पढ़ने का प्रयास, देखकर भड़के लोग
Fri, 31 Jan 2020 12:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 12:13 PM IST
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हनुमान चालीसा पढ़ते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान रानी तालाब पर नमाज अता करने को लेकर हुआ विवाद थम नहीं रहा है। वीरवार को इस मामले में बजरंग दल ने सुबह ही हांसी ब्रांच नहर के पास एक अन्य समुदाय के धार्मिक स्थल में हनुमान चालीसा पढ़ने का एलान कर दिया। इससे प्रशासन के होश फाख्ता हो गए। खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। इस बीच जयति-जयति हिंदू महान संगठन के लोगों ने रानी तालाब पर उस जगह पर हवन किया जहां बुधवार को नमाज अता की गई थी। इन लोगों ने कहा कि यहां शुद्धीकरण किया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को रानी तालाब पर धरने के दौरान नमाज अता करने को लेकर विवाद हो गया था। इस पर वीरवार को हिंदू संगठनों के विरोध के चलते प्रशासन चक्कर घिन्नी बना रहा। इस बीच पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बातचीत के लिए बुलाया। कुछ कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन इन लोगों ने कहा कि प्रशासन फोन कर उनके परिजनों को धमकी दे रहा है। ऐसे में बिना बातचीत किए ही लोग लौट गए। इसके बाद अन्न क्षेत्र में मीटिंग करते हुए एक समुदाय के धार्मिक स्थल के पास पहुंचे। यहां पहले से ही शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस तैनात थी। पुलिस ने इन लोगों को रोक दिया। अन्य धर्म के स्थल से 200 मीटर दूर गीता मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
प्रशासन पर उठाए सवाल
बजरंग दल के छात्र प्रमुख हरीश रामकली के अनुसार पुलिस ने उनके पिता को फोन कर कहा गया कि वे वाहियात काम कर रहे हैं। ऐसे में अगले आंदोलन में प्रशासन को भी जवाब दिया जाएगा।
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लगे गोली मारने के नारे
जिस समय बजरंग दल के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अन्य समुदाय के धार्मिक स्थल के पास पहुंचे तो उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया।
शहर में घुसे हैं पांच हजार रोहिंग्या : हरीश
हरीश रामकली ने कहा कि जींद में पांच हजार रोहिंग्या घुसे हुए हैं। प्रशासन को इनका पता है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि शहर में रेहड़ी लगाने वाले अधिकतर लोग रोहिंग्या हैं। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में झुग्गियों में यह लोग रह रहे हैं।
सभी धर्मों का अपना अस्तित्व है। किसी को भी पूजा करने से नहीं रोका जा सकता। पुलिस बुधवार को भी शांति व्यवस्था बनाने के लिए थी और वीरवार को भी कानून व्यवस्था बनाने के लिए ही तैनात है। आंदोलन के दौरान कोई असामाजिक तत्व कोई हरकत नहीं कर दे, इसके चलते पुलिस तैनात की गई।
- दिनेश कुमार, शहर थाना प्रभारी।
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गौरतलब है कि बुधवार को रानी तालाब पर धरने के दौरान नमाज अता करने को लेकर विवाद हो गया था। इस पर वीरवार को हिंदू संगठनों के विरोध के चलते प्रशासन चक्कर घिन्नी बना रहा। इस बीच पुलिस ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को बातचीत के लिए बुलाया। कुछ कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन इन लोगों ने कहा कि प्रशासन फोन कर उनके परिजनों को धमकी दे रहा है। ऐसे में बिना बातचीत किए ही लोग लौट गए। इसके बाद अन्न क्षेत्र में मीटिंग करते हुए एक समुदाय के धार्मिक स्थल के पास पहुंचे। यहां पहले से ही शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस तैनात थी। पुलिस ने इन लोगों को रोक दिया। अन्य धर्म के स्थल से 200 मीटर दूर गीता मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया।
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प्रशासन पर उठाए सवाल
बजरंग दल के छात्र प्रमुख हरीश रामकली के अनुसार पुलिस ने उनके पिता को फोन कर कहा गया कि वे वाहियात काम कर रहे हैं। ऐसे में अगले आंदोलन में प्रशासन को भी जवाब दिया जाएगा।
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लगे गोली मारने के नारे
जिस समय बजरंग दल के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अन्य समुदाय के धार्मिक स्थल के पास पहुंचे तो उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया।
शहर में घुसे हैं पांच हजार रोहिंग्या : हरीश
हरीश रामकली ने कहा कि जींद में पांच हजार रोहिंग्या घुसे हुए हैं। प्रशासन को इनका पता है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि शहर में रेहड़ी लगाने वाले अधिकतर लोग रोहिंग्या हैं। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में झुग्गियों में यह लोग रह रहे हैं।
सभी धर्मों का अपना अस्तित्व है। किसी को भी पूजा करने से नहीं रोका जा सकता। पुलिस बुधवार को भी शांति व्यवस्था बनाने के लिए थी और वीरवार को भी कानून व्यवस्था बनाने के लिए ही तैनात है। आंदोलन के दौरान कोई असामाजिक तत्व कोई हरकत नहीं कर दे, इसके चलते पुलिस तैनात की गई।
- दिनेश कुमार, शहर थाना प्रभारी।