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चुनाव के समय सरकार को महान विभूतियों की आ रही याद : किताब सिंह
Mon, 12 Feb 2024 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 12 Feb 2024 11:29 PM IST
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12जेएनडी24: बैठक करते हुए किताब सिंह भनवाला व अन्य। स्वयं
जींद। केंद्र सरकार के भारत रत्न देने को लेकर सोमवार को जाट धर्मशाला में बैठक हुई। इसमें किताब सिंह भनवाला, जय नारायण पिलानिया, प्रो. बलवान सिंह, पूर्व सरपंच मदन मलिक, सूरज किरण शामिल हुए। लोकसभा के चुनाव के नजदीक आने पर भाजपा को देश की महान विभूतियों को भारत रत्न देने की याद अचानक आने पर सभी सदस्यों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि महान पुरुषों को सर्वोच्च पुरस्कार देना अच्छी बात है, परंतु चुनाव के समय ही सरकारों को ऐसी बातें क्यों याद आती हैं। किताब सिंह भनवाला ने कहा कि सम्मान की बात तो तब होती अगर केंद्र सरकार इन महान विभूतियों की विचारधारा के अनुसार किसान, मजदूर, गरीबों के हित में जनहित ऐसी नीतियां बनाते। यह सरकार काम तो इन महान विभूतियों की विचारधारा के विपरीत कर रही है। इसलिए इस कार्य में वोट बटोरने की लालसा दिखाई देती है। अब देश की जनता भाजपा के ढोंग और साजिश को समझ चुकी है। जय नारायण पिलानिया ने कहा कि अभी तो कुछ अन्य महान विभूतियां जैसे बाबा साहेब आंबेडकर, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल को भी जल्दी ही भारत रत्न दिए जाने की संभावना है। क्योंकि तथाकथित 400 के पार जाने का सपना भी तो पूरा करना है। यह भारत रत्न पुरस्कार सम्मान के रूप में न देकर इसमें भाजपा का स्वार्थ अधिक मालूम पड़ता है। प्रोफेसर बलवान सिंह ने कहा कि जीएसटी का नुकसानदायक कानून, किसान विरोधी कृषि कानून लाकर हर वर्ग को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है।
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