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Jind News: धान की आवक हुई कम खरीदारों का है इंतजार
Sun, 06 Oct 2024 02:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 06 Oct 2024 02:17 AM IST
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05जेएनडी35: नरवाना की अनाजमंडी में लगी धान की ढेरियां। संवाद
जींद। जिले में पीआर धान की कटाई तेजी से चल रही है। इस बार पीआर धान के खरीदार किसानों को मंडियों में नहीं मिल रहे। इसके कारण किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। बीते आठ दिन पहले मंडियों में पीआर धान की आवक शुरू हो गई थी, लेकिन इसके खरीदार कब आएंगे। इसके बारे में जिला प्रशासन के पास भी कोई जवाब नहीं है।
जिले की आठ मंडियों में पीआर धान की आवक चल रही है। इसमें नरवाना मंडी में सबसे अधिक पीआर धान अब तक पहुंची है। यहां पर लगभग 46 हजार क्विंटल धान की ढेरियां शेड के नीचे तो कहीं खुले आसमान में लगी हुई हैं।
पहले दो से तीन दिन मंडियों में खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों ने धान में नमी के नाम पर किसानों को गुमराह किया, लेकिन अब मंडियों में इस धान को खरीदने के लिए कोई भी एजेंसी आगे
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नहीं आ रही। जिले की आठ अनाज मंडियों में अब 1500 से ज्यादा किसानों की 88 हजार क्विंटल से ज्यादा पीआर धान की आवक हो चुकी है। पिछले तीन दिन से मंडियों में पीआर धान की आवक भी तेजी से बढ़ रही है लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा, हालांकि मिलर्स की हड़ताल होने के कारण खरीद एजेंसियां धान नहीं खरीद रही हैं, क्योंकि धान खरीद के 72 घंटे में पेमेंट करने का दावा भी साथ में ही झूठा साबित होगा।
अगर एजेंसियां धान खरीदेंगी तो मिलर्स इस धान का उठान नहीं करवाएंगे, क्योंकि वह अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। अब सरकार व मिलर्स की मांगों के मध्य किसान बुरी तरह से फंसा हुआ है।
उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर वह परेशान हैं। ा
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जिले की आठ मंडियों में पीआर धान की आवक चल रही है। इसमें नरवाना मंडी में सबसे अधिक पीआर धान अब तक पहुंची है। यहां पर लगभग 46 हजार क्विंटल धान की ढेरियां शेड के नीचे तो कहीं खुले आसमान में लगी हुई हैं।
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पहले दो से तीन दिन मंडियों में खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों ने धान में नमी के नाम पर किसानों को गुमराह किया, लेकिन अब मंडियों में इस धान को खरीदने के लिए कोई भी एजेंसी आगे
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नहीं आ रही। जिले की आठ अनाज मंडियों में अब 1500 से ज्यादा किसानों की 88 हजार क्विंटल से ज्यादा पीआर धान की आवक हो चुकी है। पिछले तीन दिन से मंडियों में पीआर धान की आवक भी तेजी से बढ़ रही है लेकिन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा, हालांकि मिलर्स की हड़ताल होने के कारण खरीद एजेंसियां धान नहीं खरीद रही हैं, क्योंकि धान खरीद के 72 घंटे में पेमेंट करने का दावा भी साथ में ही झूठा साबित होगा।
अगर एजेंसियां धान खरीदेंगी तो मिलर्स इस धान का उठान नहीं करवाएंगे, क्योंकि वह अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। अब सरकार व मिलर्स की मांगों के मध्य किसान बुरी तरह से फंसा हुआ है।
उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर वह परेशान हैं। ा

05जेएनडी35: नरवाना की अनाजमंडी में लगी धान की ढेरियां। संवाद