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एक्यूआई पहुंचा 377, सुबह-शाम धुंए का गुबार आ रहा नजर

Tue, 01 Nov 2022 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 12:27 AM IST
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AQI reached 377, a plume of smoke is seen in the morning and evening
सुबह के समय आसमान में छाए धुए के गुबार। संवाद - फोटो : Jind
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। जिले में बढ़ा वायु प्रदूषण अब शारीरिक नुकसान पहुंचाने लगा है। जहरीली होती जा रही हवा के कारण लोगों की आंखों में जलन होने लगी है तथा नागरिक अस्पताल में अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके साथ-साथ बच्चों पर भी इसका असर पड़ने लगा है। सोमवार को दिनभर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 371 व 481 के बीच घूमता रहा। चिकित्सकों के अनुसार बुजुर्गों को सुबह की सैर से बचना चाहिए।
200 से ज्यादा एक्यूआई सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। दिवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को सुबह ही धुंए के गुब्बार जैसे काले बादल छाए रहे। जैसे-जैसे शाम होने लगी तो आसमान में धुआं सा छाने लगा और एक स्मॉग की चादर बन गई। स्मॉग छाने के चलते शाम को दोपहिया वाहन चालकों को आंखों में जलन भी महसूस हुई। नागरिक अस्पताल में पहले औसतन 50 के आसपास अस्थमा रोगी आते थे, जिनकी अब संख्या बढ़कर 260 तक पहुंच गई। जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा की दिक्कत है, उनको इस मौसम में और अधिक परेशानी होती है। आसमान में जो धुआं फैला हुआ है, वह रात के समय ओस के कारण भारी होकर नीचे आ जाता है। इसी कारण यह धुएं के बादल जैसे बन रहे हैं। दिन में यदि तेज धूप निकल आए तो यह फिर से ऊपर की और चले जाते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब यदि हल्की बारिश हो जाए तो वायु प्रदूषण कम हो सकता है। जब तक बारिश नहीं होगी आसमान में फैला धुआं तथा धुल कण ऐसे ही कभी नीचे तो कभी ऊपर की तरफ आते-जाते रहेंगे। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होगी।
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लोगों को बरतनी होगी सावधान
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस समय वायु प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक है। जो लोग पहले से ही बीमार हैं, उनको घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। बुजुर्गों को सुबह व शाम की सैर से बचना चाहिए। कहीं भी पराली या कूड़े में आग नहीं लगानी चाहिए। इतने अधिक वायु प्रदूषण के कारण गले में खराश, अस्थमा तथा आंखों की जलन के रोग हो सकते हैं।
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