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अंशु मलिक का रजत पक्का, गोल्ड मेडल की उम्मीद बाकी
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घर पर मोबाइल में अंशु मलिक का मैच देखते अंशु मलिक के माता-पिता।
- फोटो : Jind
जींद। निडानी गांव की अंतरराष्ट्रीय पहलवान अंशु मलिक (57 किलोग्राम) बेलग्रेड में आयोजित कुश्ती विश्वकप में रजत पदक पक्का करने के बाद अब स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेगी। अंशु मलिक का फाइनल मुकाबला मैसिडोनिया की पहलवान अनातासिया निकिता के साथ होगा। अंशु मलिक जूनियर व सब जूनियर वर्ग में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
सर्बिया के बेलग्रेड में 12 से 18 दिसंबर तक कुश्ती विश्व कप में ग्रीको रोमन के मुकाबले खेले जाएंगे। अंशु मलिक का पहला मुकाबला क्वालीफाइंग राउंड में अजरबेजान की पहलवान एलोना कोलेनिस के साथ हुआ था। अंशु ने एलोना को 4-2 के अंतर से हराया था। क्वार्टर फाइनल में अंशु मलिक ने जर्मनी की पहलवान लौरा मर्टेंट को तीन-एक से पराजित किया। रूसी पहलवान वेरोनिका चुमिकोवा को 7-4 से हराकर अंशु ने फाइनल में जगह बनाई। अंशु के पिता धर्मवीर मलिक ने बताया कि कोच जगदीश श्योराण व खेल स्कूल निडानी के दलीप सिंह मलिक की देखरेख में अंशु लगातार परिश्रम कर रही थी। इसी का परिणाम है कि उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया। उन्हें उम्मीद है कि वह गोल्ड मेडल ही जीतेगी।
आपदा को बनाया अवसर
अंश मलिक ने कोरोना की आपदा को अवसर बनाते हुए पूरा फायदा उठाया। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने खेल स्कूल निडानी में ही कड़ा अभ्यास किया। अंशु मलिक ने रोम में हुई वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज रेसलिंग चैंपियनशिप और एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके अलावा जूनियर एशिया चैंपियनशिप में अंशु मलिक स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
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सर्बिया के बेलग्रेड में 12 से 18 दिसंबर तक कुश्ती विश्व कप में ग्रीको रोमन के मुकाबले खेले जाएंगे। अंशु मलिक का पहला मुकाबला क्वालीफाइंग राउंड में अजरबेजान की पहलवान एलोना कोलेनिस के साथ हुआ था। अंशु ने एलोना को 4-2 के अंतर से हराया था। क्वार्टर फाइनल में अंशु मलिक ने जर्मनी की पहलवान लौरा मर्टेंट को तीन-एक से पराजित किया। रूसी पहलवान वेरोनिका चुमिकोवा को 7-4 से हराकर अंशु ने फाइनल में जगह बनाई। अंशु के पिता धर्मवीर मलिक ने बताया कि कोच जगदीश श्योराण व खेल स्कूल निडानी के दलीप सिंह मलिक की देखरेख में अंशु लगातार परिश्रम कर रही थी। इसी का परिणाम है कि उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया। उन्हें उम्मीद है कि वह गोल्ड मेडल ही जीतेगी।
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आपदा को बनाया अवसर
अंश मलिक ने कोरोना की आपदा को अवसर बनाते हुए पूरा फायदा उठाया। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने खेल स्कूल निडानी में ही कड़ा अभ्यास किया। अंशु मलिक ने रोम में हुई वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज रेसलिंग चैंपियनशिप और एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके अलावा जूनियर एशिया चैंपियनशिप में अंशु मलिक स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

अंशु मलिक।- फोटो : Jind
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