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उपलब्धि: 22 लाख की नौकरी छोड़ की तैयारी, अब UPSC में पाई 28वीं रैंक, पढ़िए हरियाणा की बेटी की सफलता की कहानी
Tue, 23 May 2023 07:35 PM IST
भूपेंद्र सिंह
कर्मवीर, संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना, जींद (हरियाणा)
कर्मवीर, संवाद न्यूज एजेंसी, जुलाना, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 23 May 2023 07:35 PM IST
सार
जींद के गोसाई खेड़ा गांव की बेटी अंकिता पंवार बोलीं कि आमजन की सेवा करना ही उनका लक्ष्य है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। अंकिता पंवार के परिवार में एक बहन, एक भाई और माता-पिता हैं।
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अंकिता पंवार अपने माता पिता के साथ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद जिले के जुलाना क्षेत्र के गांव गोसाई खेड़ा की बेटी अंकिता पंवार ने 22 लाख की नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। अब यूपीएससी में 28वीं रैंक हासिल की है। इस पर अंकिता के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। अंकिता के पिता भूप सिंह पंवार ने बताया कि बेटी का शुरू से ही लक्ष्य था कि वह पढ़-लिखकर आमजन की सेवा करे और देश के विकास में भागीदार बने।
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रुड़की आईआईटी से बीटेक की
अंकिता के परिवार में एक बहन, एक भाई और माता-पिता हैं। अंकिता की बड़ी बहन मुंबई में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर हैं तो भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अंकिता के पिता साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट से रिटायर्ड हैं और माता गृहिणी हैं। अंकिता के पिता ने बताया कि अंकिता ने चंडीगढ़ में सीबीएससी से 12वीं में 97.6 अंक लेकर टॉप किया था।
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उसके बाद उसने रुड़की आईआईटी से बीटेक की और कैंपस प्लेसमेंट के दौरान बेंगलूरू में उसे ओरकल इंडिया लिमिटेड में 22 लाख का पैकेज मिला। अंकिता ने को लगा कि वह कंपनी में काम करके अपना व परिवार का पेट तो पाल सकती है, लेकिन आमजन से दूर हो गई है। इसके बाद उसने नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
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बोलीं-खुली आंखों से देखा सपना
अंकिता पंवार ने बताया कि उसका बचपन से ही यूपीएससी करने का लक्ष्य था। उसने इसी लक्ष्य को लेकर तैयारी की थी। यूपीएससी में जाने के लिए ही उसने खुली आंखों से सपना देखा। अब वह लोगों की सेवा करेगी।
2021 में आई थी 321वीं रैंक
अंकिता पंवार ने 2017 में ओरेकल इंडिया लिमिटेड में इंजीनियर के रूप में कार्य करना शुरू किया था। उसने दो साल तक इस कंपनी में काम किया। इसके बाद उसने नौकरी छोड़ दी। 2021 में भी अंकिता ने यूपीएससी पास किया था। उसकी 321वीं रैंक आई थी, लेकिन फिर अंकिता ने मेहनत करनी नहीं छोड़ी। इसी की बदौलत अब उसने 28वीं रैंक हासिल की है।