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पशुओं को बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालकों को किया जागरूक
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पांडु पिंडारा स्थित पशु विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉ. रविंद्र हुड्डा औ
- फोटो : Jind
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। पांडु पिंडारा स्थित पशु विज्ञान केंद्र में सात दिवसीय पशु पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जिला जींद के 20 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के संयोजक एवं वरिष्ठ पशु वैज्ञानिक डॉ. रमेश सिहंमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पशु प्रजनन, पशु प्रबंधन, संतुलित आहार एवं बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को पशुओं खासकर गोवंश में आई हुई लंपी चर्म रोग वायरस के बारे में चेताया तथा अपने पशुओं को इस बीमारी से बचाने के उपाय और टीकाकरण के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर डॉ. गौरी ने पशुओं के दूध, खून, गोबर के सैंपल लेने तथा थनैला रोग के बारे में जानकारी दी। समापन समारोह के मुख्यातिथि डा. रविन्द्र हुड्डा ने अपने गोवंश पशुओं को लंपी स्किन बीमारी से बचाने के लिए चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान में सहयोग करने की।
डॉ. रमन शीलवंत ने बैंकों द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित उच्च गुणवत्ता वाले खनिज मिश्रण को पशुओं को खिलाने की सलाह दी तथा बताया कि ऐसे मिश्रण से पशुओं में खनिजों की पूर्ति करने के साथ साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ावा मिलता है। डॉ. रमेश सिंहमार ने बताया कि केंद्र द्वारा किसानों के लिए पशुपालन, सुअर, भेड़ एवं बकरी पालन आदि व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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जींद। पांडु पिंडारा स्थित पशु विज्ञान केंद्र में सात दिवसीय पशु पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जिला जींद के 20 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के संयोजक एवं वरिष्ठ पशु वैज्ञानिक डॉ. रमेश सिहंमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पशु प्रजनन, पशु प्रबंधन, संतुलित आहार एवं बीमारियों से बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को पशुओं खासकर गोवंश में आई हुई लंपी चर्म रोग वायरस के बारे में चेताया तथा अपने पशुओं को इस बीमारी से बचाने के उपाय और टीकाकरण के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर डॉ. गौरी ने पशुओं के दूध, खून, गोबर के सैंपल लेने तथा थनैला रोग के बारे में जानकारी दी। समापन समारोह के मुख्यातिथि डा. रविन्द्र हुड्डा ने अपने गोवंश पशुओं को लंपी स्किन बीमारी से बचाने के लिए चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान में सहयोग करने की।
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डॉ. रमन शीलवंत ने बैंकों द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित उच्च गुणवत्ता वाले खनिज मिश्रण को पशुओं को खिलाने की सलाह दी तथा बताया कि ऐसे मिश्रण से पशुओं में खनिजों की पूर्ति करने के साथ साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ावा मिलता है। डॉ. रमेश सिंहमार ने बताया कि केंद्र द्वारा किसानों के लिए पशुपालन, सुअर, भेड़ एवं बकरी पालन आदि व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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