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शिक्षामंत्री के बयान से नाराज किसानों ने पुतला फूंककर रोष जताया
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खटकड़ टोल पर किसानों के धरने पर ईद का पर्व मनाकर किसानों ने सर्व धर्म समाज का संदेश दिया। इस दौरान भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई गई। धरने की अध्यक्षता पंडित वेदप्रकाश अलीपुरा ने की। सांकेतिक भूख हड़ताल पर फिरोज खान, नवाव अली, बारूराम, सतबीर नंबरदार व जसबीर बरसोला रहे। मंच संचालन बिजेंद्र सिंह सिंधु ने किया।
शिक्षा मंत्री द्वारा कोरोना संक्रमण गांव में फैलने के लिए किसान आंदोलन को जिम्मेदार ठहराने पर किसानों ने उनका पुतला फूंककर रोष जताया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा किसानों से धरना समाप्त करने की अपील पर किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि किसानों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह प्रधानमंत्री से किसानों की मांगे मनवाएं। किसानों के खाते में पीएम निधि से राशि भेज रहे हैं, लेकिन जितनी राशि वह भेज रहे हैं, उससे अधिक रुपयेे तो डीजल व डीएपी के महंगे होने से किसानों को खर्च करने पड़ रहे हैं। किसान बीते पांच महीनों से धरना दे रहे हैं। 400 से अधिक किसानों की जान जा चुकी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इंसानियत के नाते किसानों की मांग को मानते हुए तीनों कृषि कानून रद्द करने चाहिए। एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि कोरोना संक्रमण किसानों की वजह से फैल रहा है। जब चुनाव में भाजपा नेताओं ने रैली कर लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा की और प्रदेश में भाजपा नेता अपने कार्यक्रम करते हैं तो क्या उससे कोरोना संक्रमण नहीं फैलता। किसान आज कोरोना वैक्सीन भी लगवा रहे हैं। किसानों की अगर इतनी ही चिंता पीएम व सीएम को है तो वे किसानों की मांगों को पूरा करें, ताकि किसान अपने घर जा सकें। आज बच्चे से लेकर बूढ़े तक आंदोलन में हिस्सा ले रहा हैं। इस मौके पर कविता खरकरामजी, सिक्किम सफाखेड़ी, प्रियंका गोयत, पूनम रेढू, अनीता सुदकैन, जोगिंद्र सिंह नैन, सुखचैन, जसवीर कौर, अमृत कुंडू, रामफल दहिया, सागर, कामरेड रमेश व रोहताश नगूरां मौजूद रहे।
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शिक्षा मंत्री द्वारा कोरोना संक्रमण गांव में फैलने के लिए किसान आंदोलन को जिम्मेदार ठहराने पर किसानों ने उनका पुतला फूंककर रोष जताया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा किसानों से धरना समाप्त करने की अपील पर किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि किसानों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह प्रधानमंत्री से किसानों की मांगे मनवाएं। किसानों के खाते में पीएम निधि से राशि भेज रहे हैं, लेकिन जितनी राशि वह भेज रहे हैं, उससे अधिक रुपयेे तो डीजल व डीएपी के महंगे होने से किसानों को खर्च करने पड़ रहे हैं। किसान बीते पांच महीनों से धरना दे रहे हैं। 400 से अधिक किसानों की जान जा चुकी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इंसानियत के नाते किसानों की मांग को मानते हुए तीनों कृषि कानून रद्द करने चाहिए। एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि कोरोना संक्रमण किसानों की वजह से फैल रहा है। जब चुनाव में भाजपा नेताओं ने रैली कर लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा की और प्रदेश में भाजपा नेता अपने कार्यक्रम करते हैं तो क्या उससे कोरोना संक्रमण नहीं फैलता। किसान आज कोरोना वैक्सीन भी लगवा रहे हैं। किसानों की अगर इतनी ही चिंता पीएम व सीएम को है तो वे किसानों की मांगों को पूरा करें, ताकि किसान अपने घर जा सकें। आज बच्चे से लेकर बूढ़े तक आंदोलन में हिस्सा ले रहा हैं। इस मौके पर कविता खरकरामजी, सिक्किम सफाखेड़ी, प्रियंका गोयत, पूनम रेढू, अनीता सुदकैन, जोगिंद्र सिंह नैन, सुखचैन, जसवीर कौर, अमृत कुंडू, रामफल दहिया, सागर, कामरेड रमेश व रोहताश नगूरां मौजूद रहे।
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