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Jind News: धान का रेट कम मिलने से नाराज किसानों ने नरवाना मंडी के गेट पर जड़ा ताला
Wed, 01 Oct 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 01 Oct 2025 11:52 PM IST
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नरवाना की अनाज मंडी के गेट को ताला लगाते हुए किसान। स्त्रोत किसान
जींद। धान के रेट की कमी से नाराज किसानों ने नरवाना की नई मेला अनाज मंडी के मुख्य गेट को बंद कर मार्किट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। किसानों का कहना था कि जिस रेट में धान खरीदे जा रहे हैं वह बहुत कम है।
इस दौरान बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने काफी देर गेट बंद रखा। दोपहर बाद किसानों ने गेट खोला। उसके बाद आढ़ती एसोसिएशन और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों की एक बैठक सायं को रेस्ट हाऊस में हुई। यहां उन्होंने फैसला लिया कि धान खरीद को लेेकर मिलरों से बातचीत होना जरूरी है अगर मिलर बातचीत नहीं करेगा तो किसान अपनी फसल को कहीं और बेच देगा।
रोष प्रकट कर रहे किसानों ने कहा कि एजेंसी निर्धारित मापक पर धान की खरीद कर रही है लेकिन लोकल मिलर खरीद नहीं कर रहा है। वह चुपचाप 2200 रूपये रेट लगावकर खरीद कर लेता है जिससे किसानों व आढ़तियों दोनों का नुकसान है। जिस पर वह खुश नहीं है।
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धान खरीद के समय जब एजेंसी की बोली होगी तो मिलर साथ होना चाहिए ताकि वह सही रेट पर धान की खरीद कर सके और आढ़ती के थ्रू बेची जाए। एजेंसी वाले खरीद करने आए तो मिलर मौजूद रहे। मिलर इस समय खरीद करने में कोई खासी रूचि नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसानों ने मांग भी कि है कि अगर लोकल मिलर धान की खरीद नहीं करता है तो बाहर से कोई और मिलर बुलाए जाएं और धान की खरीद की जाए।
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इस दौरान बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने काफी देर गेट बंद रखा। दोपहर बाद किसानों ने गेट खोला। उसके बाद आढ़ती एसोसिएशन और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों की एक बैठक सायं को रेस्ट हाऊस में हुई। यहां उन्होंने फैसला लिया कि धान खरीद को लेेकर मिलरों से बातचीत होना जरूरी है अगर मिलर बातचीत नहीं करेगा तो किसान अपनी फसल को कहीं और बेच देगा।
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रोष प्रकट कर रहे किसानों ने कहा कि एजेंसी निर्धारित मापक पर धान की खरीद कर रही है लेकिन लोकल मिलर खरीद नहीं कर रहा है। वह चुपचाप 2200 रूपये रेट लगावकर खरीद कर लेता है जिससे किसानों व आढ़तियों दोनों का नुकसान है। जिस पर वह खुश नहीं है।
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धान खरीद के समय जब एजेंसी की बोली होगी तो मिलर साथ होना चाहिए ताकि वह सही रेट पर धान की खरीद कर सके और आढ़ती के थ्रू बेची जाए। एजेंसी वाले खरीद करने आए तो मिलर मौजूद रहे। मिलर इस समय खरीद करने में कोई खासी रूचि नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसानों ने मांग भी कि है कि अगर लोकल मिलर धान की खरीद नहीं करता है तो बाहर से कोई और मिलर बुलाए जाएं और धान की खरीद की जाए।