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Jind News: मांगें पूरी न होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
Fri, 02 Aug 2024 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 02 Aug 2024 01:23 AM IST
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जींद। आंगनबाड़ी वर्कर एंड सहायिका यूनियन हरियाणा की राज्य कमेटी के आह्वान पर सभी जिलों की कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने वीरवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने डीसी कार्यालय तक प्रदर्शन किया और मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान राजबाला ने की, जबकि संचालन जिला सचिव दयावंती ने किया।
यूनियन की जिला प्रधान राजबाला ने बताया कि 2018 के आंदोलन में मुख्यमंत्री ने कई मांगों के बारे में सहमति दी थी। इमसें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रमिक का दर्जा देने, प्रत्येक छह माह में मंहगाई भत्ता देने, ईएमएस फंड, बीमा देने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें मानी गई थी, लेकिन आज तक सरकार ने इनको पूरा नहीं किया। परियोजना में काम कर रही कार्यकर्ता व सहायिका को आंगनबाड़ी सेंटर चलाने में कठिनाई हो रही हैं। यहां तक कि केंद्रों का किराया, राशन पकाने के लिए ईंधन तथा फोन का रिचार्ज तक खुद अपनी जेब से करना पड़ रहा है। इस तरह परियोजना को चलाने का सारा बोझ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कंधे पर डाल दिया गया है, जोकि असहनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभागीय अधिकारी नहीं मानते हैं तो आगामी आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। इस अवसर पर अंगुरी, सुशीला, उर्मिला, अनीता, खजानी, निर्मला, बिमला, सुदेश, सुमन, शीला, सुनील, सुदेश, लक्ष्मी, सुनीता, कमला, संगीता, कृष्णा, भूला मौजूद रहीं।
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यूनियन की जिला प्रधान राजबाला ने बताया कि 2018 के आंदोलन में मुख्यमंत्री ने कई मांगों के बारे में सहमति दी थी। इमसें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को श्रमिक का दर्जा देने, प्रत्येक छह माह में मंहगाई भत्ता देने, ईएमएस फंड, बीमा देने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें मानी गई थी, लेकिन आज तक सरकार ने इनको पूरा नहीं किया। परियोजना में काम कर रही कार्यकर्ता व सहायिका को आंगनबाड़ी सेंटर चलाने में कठिनाई हो रही हैं। यहां तक कि केंद्रों का किराया, राशन पकाने के लिए ईंधन तथा फोन का रिचार्ज तक खुद अपनी जेब से करना पड़ रहा है। इस तरह परियोजना को चलाने का सारा बोझ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कंधे पर डाल दिया गया है, जोकि असहनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार और विभागीय अधिकारी नहीं मानते हैं तो आगामी आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। इस अवसर पर अंगुरी, सुशीला, उर्मिला, अनीता, खजानी, निर्मला, बिमला, सुदेश, सुमन, शीला, सुनील, सुदेश, लक्ष्मी, सुनीता, कमला, संगीता, कृष्णा, भूला मौजूद रहीं।
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