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ज्ञापन देने पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं मिलीं महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जताया रोष
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डीसी को ज्ञापन सौंपतीं यूनियन की पदाधिकारी।
- फोटो : Jind
मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अधिकारी के नहीं मिलने पर उनके खिलाफ नारेबाजी की। बाद में डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपा और महिला एवं बाल विकास अधिकारी के रवैये पर कार्यकर्ताओं ने रोष जाहिर किया।
सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक ग्रीन बेल्ट में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही अधिकारी से बात की थी, लेकिन वे ज्ञापन लेने के समय से ठीक दस मिनट पहले कार्यालय से निकल गईं। इसके बाद जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने आधे घंटे में आने के लिए कहा। इस पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपा।
जिला सचिव सुमन ने बताया की सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने की कगार पर पहुंचा दिया है। सभी सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंपने का मौका तलाश रही है। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया नहीं दिया जा रहा है। बच्चों के लिए दी जाने वाली खाद्य सामग्री कभी समय पर नहीं पहुंचती है। कोरोना महामारी में आंगनबाड़ी की महिलाओं को बिना किसी सुरक्षा किट के ड्यूटी करने के लिए कहा जा रहा है, जो खतरनाक है। इस मौके पर सतवंती, कमलेश, बबीता, सुनीता, गीता, शालू और मीना मौजूद रहीं।
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सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक ग्रीन बेल्ट में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही अधिकारी से बात की थी, लेकिन वे ज्ञापन लेने के समय से ठीक दस मिनट पहले कार्यालय से निकल गईं। इसके बाद जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने आधे घंटे में आने के लिए कहा। इस पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने डीसी डॉ. आदित्य दहिया को ज्ञापन सौंपा।
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जिला सचिव सुमन ने बताया की सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने की कगार पर पहुंचा दिया है। सभी सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंपने का मौका तलाश रही है। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का किराया नहीं दिया जा रहा है। बच्चों के लिए दी जाने वाली खाद्य सामग्री कभी समय पर नहीं पहुंचती है। कोरोना महामारी में आंगनबाड़ी की महिलाओं को बिना किसी सुरक्षा किट के ड्यूटी करने के लिए कहा जा रहा है, जो खतरनाक है। इस मौके पर सतवंती, कमलेश, बबीता, सुनीता, गीता, शालू और मीना मौजूद रहीं।
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