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Jind News: बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर मांगी मन्नतें
Wed, 23 Jul 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:57 PM IST
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23जेएनडी10-मंदिर में पूजा के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद
जींद। जिले में बुधवार को शिवरात्रि का पर्व शिवभक्तों ने उत्साह के साथ मनाया। बारिश के बीच श्रद्धालु मंदिर में भोले बाबा के जयघोष लगाते रहे और कांवड़ियों ने गोमुख व हरिद्वार से कावड़ ला कर गंगा जल से शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया।
शिवरात्रि पर्व पर जयंती देवी मंदिर, ऐतिहासिक भूतेश्वर मंदिर, ठिठारी महादेव, सोमनाथ मंदिर, सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर, शिव चौक, सफीदों गेट में सुबह से ही शिव भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। शहर में जगह-जगह भंडारों का भी आयोजन किया गया जिसमें शिव भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रद्धालुओं ने ओम नमः: शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र से पंचामृत, बेलपत्र, आक, धतूरा, फल और मिष्ठान से पूजन किया। इस दिन कि मान्यता यह है कि भगवान शिव सरल उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं। इस दिन पूजन करने से श्रद्धालु अपने कष्टों को दूर करके व सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं। शिव की कृपा से समस्याओं का अंत हो जाता है।
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सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने कहा कि महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महा शिव व्रत कल्याणकारी मनोरथों को पूर्ण करने वाले, आरोग्य देने वाले व मोक्ष का दाता हैं।
शिवरात्रि पर कई राजयोग का निर्माण
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि, गजकेसरी, नवपंचम जैसे कई राजयोग का निर्माण हुआ है। शिवरात्रि के दिन शिव स्तुति, शिव मंत्र, शिव सहस्त्रनाम, शिव चालीसा, शिव तांडव, रुद्राष्टकम, शिव पुराण और शिव आरती गाना अत्यधिक फलदायी माने जाते हैं।
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शिवरात्रि पर्व पर जयंती देवी मंदिर, ऐतिहासिक भूतेश्वर मंदिर, ठिठारी महादेव, सोमनाथ मंदिर, सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर, शिव चौक, सफीदों गेट में सुबह से ही शिव भक्तों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। शहर में जगह-जगह भंडारों का भी आयोजन किया गया जिसमें शिव भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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श्रद्धालुओं ने ओम नमः: शिवाय व महामृत्युंजय मंत्र से पंचामृत, बेलपत्र, आक, धतूरा, फल और मिष्ठान से पूजन किया। इस दिन कि मान्यता यह है कि भगवान शिव सरल उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं। इस दिन पूजन करने से श्रद्धालु अपने कष्टों को दूर करके व सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं। शिव की कृपा से समस्याओं का अंत हो जाता है।
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सफीदों रोड स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने कहा कि महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। महा शिव व्रत कल्याणकारी मनोरथों को पूर्ण करने वाले, आरोग्य देने वाले व मोक्ष का दाता हैं।
शिवरात्रि पर कई राजयोग का निर्माण
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि इस बार शिवरात्रि पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि, गजकेसरी, नवपंचम जैसे कई राजयोग का निर्माण हुआ है। शिवरात्रि के दिन शिव स्तुति, शिव मंत्र, शिव सहस्त्रनाम, शिव चालीसा, शिव तांडव, रुद्राष्टकम, शिव पुराण और शिव आरती गाना अत्यधिक फलदायी माने जाते हैं।

23जेएनडी10-मंदिर में पूजा के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद