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Jind News: कृषि विभाग ने गेहूं की फसल के लिए क्रॉप कटिंग सैंपल
Sat, 20 Apr 2024 01:57 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 20 Apr 2024 01:57 AM IST
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19जेएनडी08 : क्रॉप कटिंग के लिए पेमाइश करते कृषि अधिकारी। संवाद
नरवाना। कृषि विभाग के कर्मचारी खेत में जाकर क्राॅप कटिंग के सैंपल ले रहे हैं। इस क्रॉप कटिंग से गेहूं निकालने के बाद पूरे खेत के उत्पाद का औसत निकाला जाएगा। इस औसतन के आधार पर ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
गत दिनों ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ था। किसानों ने मुआवजे की मांग भी की थी। इसके अलावा जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया हुआ है, उनको नुकसान नहीं हाे इसके लिए भी गेहूं का औसत निकाला जा रहा है। शुक्रवार को कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक क्वालिटी कंट्रोल मनजीत सिंह नैन ने गांव दबलैन में किसान ईश्वर सिंह के खेत में क्रॉप कटिंग का सैंपल लिया।
कृषि विकास अधिकारी डॉ. रवि ने बताया कि फसल के औसत उत्पाद के आधार पर सरकार प्लानिंग तैयार करती है कि एक एकड़ में कितनी पैदावार होगी और उसको पैक करने के लिए कितने बारदाने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा कितने भंडारण की जरूरत होगी। इसी आधार पर कृषि संबंधी सभी निर्णय सरकार प्लान करती है। फसल खराबे का जायजा भी इसी औसत के आधार पर लिया जाता है। पिछले सात साल के एवरेज के आधार पर ही बीमित किसान की फसल खराबे की राशि तय की जाती है।
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नरवाना क्षेत्र के सभी गांवों के खेतों से क्रॉप कटिंग करके सैंपल लिए गए हैं। क्रॉप कटिंग में खेत से एक मरला (प्लॉट) की पैमाइश करके उस फसल की कटाई की जाती है। उससे निकले गेहूं को तोला जाता है। इसके आधार पर ही पूरे खेत का औसत निकाला जाएगा। कृषि निदेशालय के आदेशानुसार जिन-जिन गांवों के खेतों के सैंपल लेने थे वह ले लिए गए हैं। -बलजीत लाठर, खंड कृषि अधिकारी।
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गत दिनों ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हुआ था। किसानों ने मुआवजे की मांग भी की थी। इसके अलावा जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया हुआ है, उनको नुकसान नहीं हाे इसके लिए भी गेहूं का औसत निकाला जा रहा है। शुक्रवार को कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक क्वालिटी कंट्रोल मनजीत सिंह नैन ने गांव दबलैन में किसान ईश्वर सिंह के खेत में क्रॉप कटिंग का सैंपल लिया।
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कृषि विकास अधिकारी डॉ. रवि ने बताया कि फसल के औसत उत्पाद के आधार पर सरकार प्लानिंग तैयार करती है कि एक एकड़ में कितनी पैदावार होगी और उसको पैक करने के लिए कितने बारदाने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा कितने भंडारण की जरूरत होगी। इसी आधार पर कृषि संबंधी सभी निर्णय सरकार प्लान करती है। फसल खराबे का जायजा भी इसी औसत के आधार पर लिया जाता है। पिछले सात साल के एवरेज के आधार पर ही बीमित किसान की फसल खराबे की राशि तय की जाती है।
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नरवाना क्षेत्र के सभी गांवों के खेतों से क्रॉप कटिंग करके सैंपल लिए गए हैं। क्रॉप कटिंग में खेत से एक मरला (प्लॉट) की पैमाइश करके उस फसल की कटाई की जाती है। उससे निकले गेहूं को तोला जाता है। इसके आधार पर ही पूरे खेत का औसत निकाला जाएगा। कृषि निदेशालय के आदेशानुसार जिन-जिन गांवों के खेतों के सैंपल लेने थे वह ले लिए गए हैं। -बलजीत लाठर, खंड कृषि अधिकारी।

19जेएनडी08 : क्रॉप कटिंग के लिए पेमाइश करते कृषि अधिकारी। संवाद